कुरुक्षेत्र। फास्ट ट्रैक स्पेशल बलात्कार एवं पॉक्सो एक्ट मामलों की कोर्ट ने नाबालिग बच्ची को घर से भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल कठोर कारावास और एक लाख 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी की पहचान यमुनानगर के रहने वाले कर्मबीर सिंह उर्फ कर्ण के रूप में हुई है।
घटना 24 नवंबर 2022 की है। पीड़िता के पिता ने थाना सदर पिहोवा में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी नाबालिग बेटी बिना बताए घर से लापता हो गई है। उन्होंने कई जगह तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। उसी दिन आरोपी कर्मबीर सिंह के पिता ने फोन पर सूचना दी कि उनका बेटा भी घर से गायब है और उन्हें शक है कि कर्मबीर उनकी बेटी को साथ ले गया है। शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 363 (अपहरण), 366 (महिला को भगाना) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की। जांच में गुमशुदा लड़की को तलाशा गया, उसका मेडिकल परीक्षण करवाया गया और आरोपी कर्मबीर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जांच पूरी होने पर चालान अदालत में पेश किया गया। 22 जनवरी को फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में नियमित सुनवाई के दौरान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट एवं अन्य सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए आईपीसी की धारा 363 के तहत पांच साल कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना न भरने पर एक माह अतिरिक्त कारावास, आईपीसी की धारा 366 के तहत पांच साल कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना न भरने पर एक माह अतिरिक्त कारावास पॉक्सो एक्ट की धारा छह के तहत 20 साल कठोर कारावास एक लाख रुपये जुर्माना न भरने पर छह माह अतिरिक्त कारावास सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।