कुरुक्षेत्र। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की फास्ट ट्रैक अदालत ने नाबािलग का अपहरण के बाद दुष्कर्म मामले में दोषी वीरेंद्र को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 45 हजार का आर्थिक दंड भी लगाया है। दोषी वीरेंद्र उर्फ भीरू उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का रहने वाला है।
फास्ट ट्रैक अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान आईपीसी की धारा, 365,366, 506 व पोक्सो एक्ट की धारा 4 (2) में भीरू को दोषी पाते हुए अलग-अलग सजाएं सुनाईं। यह सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को छह माह के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।
यह है मामला : थाना सदर पिहोवा में 30 अगस्त 2022 को एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका परिवार इलाके के एक ईंट भट्टा पर काम करता है। उसी भट्टे पर वीरेंद्र उर्फ भीरू भी काम करता है। 29 अगस्त को भीरू उनकी नाबालिग बेटी को फुसला कर अपने साथ ले गया। शिकायत के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इस दौरान किशोरी को बरामद किया गया। मेडिकल परीक्षण में उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।