जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयकारे से गूंजा शहर
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा।
गुुरु नानक देव के 549वें प्रकाशोत्सव पर गुरुद्वारा बाउली साहिब ने नगर कीर्तन निकाला। गुरुबाणी और शबद कीर्तन की गूंज के साथ पंज प्यारों की अगुवाई में गुरुद्वारा बाउली साहिब से नगर कीर्तन शुरू हुआ। नगर कीर्तन से पूर्व गुरुद्वारा साहिब के प्रमुख ग्रंथी ज्ञानी काबल सिंह ने गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में अरदास की। गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप को पालकी में विराजित कर फूलों से सजाया गया। गुरु के दर्शन के दौरान संगत जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयकारे लगाती रही।
नगर कीर्तन मेन बाजार, सरस्वती तीर्थ, गुहला रोड, मॉडल टाउन, अनाज मंडी, अंबाला रोड और कैथल रोड से होता हुआ वापस गुरुद्वारा पहुंचकर पूर्ण हुआ। फूलांवाली पालकी विच सतुगरु आए ने, धन नानक तेरी वड्डी कमीई जैसे शबदों से धार्मिक नगरी पिहोवा गुंजायमान हो उठी। संगत गुरु जस और वाहेगुरु का जाप करती चल रही थी। गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष शीश नवाने के लिए संगत उमड़ी रही। बाजारों को स्वागती गेटों से सजाया गया था। विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने नगर कीर्तन के साथ चल रही संगत में प्रसाद वितरित किया। इस मौके पर संत बाबा महिंद्र सिंह कार सेवा वाले, जत्थेदार सतपाल सिंह, मुख्तयार सिंह, जसवंत सिंह, सतनाम सिंह, बहादुर सिंह, गुरिंद्रजीत नत, इंद्रजीत नत, अक्षय नंदा, बलवंत सिंह बहल, परमजीत सिंह बहल, लखबीर सिंह आदि मौजूद रही।
सिख युवाओं ने दिखाए गतके के जौहर
नगर कीर्तन में विभिन्न गतका दलों ने पारंपरिक शस्त्रों से गतके के जौहर दिखाए। इसे देखकर संगत दंग रह गई। सिख युवकों ने तलवारबाजी और मुंह से आग निकालने जैसे करतब दिखाए।