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तोसो रसिया न हारे, कितना भी तू जोर लगा ले. . . .

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तोसो रसिया न हारे, कितना भी तू जोर लगा ले. . . .
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
होली खेल रहे नंदलाला, झमाझम हो रही मेले में...जैसी प्रस्तुतियों के साथ केयू का भव्य सभागार रसिया के रस में सराबोर हो गया। रत्नावली महोत्सव का तीसरा दिन ग्रुप डांस रसिया के नाम रहा। रसिया से पहले हरियाणवी चौपाल में प्रस्तुति देने पहुंचीं टीमों ने समाप्त होती जा रही परंपराओं, अच्छे संस्कारों पर तंज कसते हुए सामाजिक मुद्दों को उठाया। इन दोनों प्रस्तुतियों के दौरान केयू का सभागार खचाखच भरा दिखा। सभागार के मंच पर प्रदेशभर से आई टीमों ने अपनी भव्य प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया। इस मौके पर लाडवा के विधायक डॉ. पवन सैनी मुख्य अतिथि थे।
रसिया डांस की पहली प्रस्तुति आर्य पीजी कॉलेज पानीपत की रही। आर्य कॉलेज की टीम ने तोसो रसिया न हारे, कितना भी तू जोर लगाले, होली खेल रहे नंदलाला... की प्रस्तुति दी तो दर्शक झूम उठे। देर शाम तक चली इस प्रतियोगिता में कलाकार और दर्शक दोनों उत्साहित दिखे। रसिया डांस में 11 टीमों ने भाग लिया। प्रथम प्रस्तुति आर्य पीजी कॉलेज पानीपत ने बलम घर बनवादो न्यारो, मोसे बोल सहै न जाए... पर प्रस्तुति दी। गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज यमुनानगर, डीएवी गर्ल्स कॉलेज यमुनानगर, बीएआर जनता कॉलेज कौल, आरकेएसडी कालेज कैथल और सीआर किसान कॉलेज जींद आदि टीमों ने प्रस्तुतियां दीं। निर्णायक मंडल में जनार्दन शर्मा, शीशपाल, ओपी हरियाणवी शामिल थे। प्रतियोगिता की समय सीमा 10 मिनट थी। कैसे फरर-फरर फहराई रे चुनरियां, ढोला ए महल बनाउंगी, चाहे सासू लडै भतेरी जैसे गानों पर नृत्य की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भी झूमने के लिए मजबूर कर दिया। रसिया डांस दक्षिण हरियाणा के नृत्य की ऐसी विधा है, जिसे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग ने कार्यशालाएं कर जीवंत किया है। गवर्नमेंट पीजी कॉलेज जींद के कलाकारों ने मेरा चैन चुरा लियो नैनन ने तेरे कोयल जैसे बैनन... पर प्रस्तुति दी।
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ठेठ हरियाणवी कविताओं ने दर्शकों को बांधे रखा
रत्नावली महोत्सव के तीसरे दिन सीनेट हॉल में आयोजित हरियाणवी कविता पाठ प्रतियोगिता में हरियाणा के युवा कवियों ने ठेठ हरियाणवी अंदाज में कविताएं पेश कीं। इसमें प्रदेशभर के कॉलेजों से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया। एक प्रतिभागी ने भगत सिंह जब मौत की चौखट पे खड़ा न मांगये माफी कविता से अपनी बात रखी। अनूप मलिक ने देशभक्ति से ओतप्रोत एक अन्य कविता प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोहा। एसडी महिला महाविद्यालय की पूनम ने फौजी की कुर्बानी कविता प्रस्तुत की। इसके बोल थे ‘काक ढानी में रूक्का लगाके फौजी आगया’। इसके साथ ही राजकीय महाविद्यालय हांसी, एसडी महाविद्यालय पानीपत, आर्य पीजी कॉलेज पानीपत, हिंदू कन्या महाविद्यालय जींद, जीजेयू हिसार आदि टीमों ने भाग लिया।
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