फोटो नंबर-19, 20 व 40
- प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों तक भी पहुंचा कुंटिया की हड़ताल का असर
- प्रदेशभर के दस विश्वविद्यालयों के गैर शिक्षक कर्मचारी कुंटिया के समर्थन में आज कर सकते हैं हड़ताल का एलान
- कुंटिया के धरना स्थल पर पहुंचेगा फेडरेशन का प्रतिनिधिमंडल
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। केयू प्रशासन कुंटिया की हड़ताल अवैधानिक मानते हुए इस खत्म कराने पर अडिग है तो दूसरी ओर 29 अगस्त से चल रही कुंटिया की हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। इस दौरान कुंटिया ने दावा किया है कि अब प्रदेश के अन्य दस विश्वविद्यालयों के कर्मचारी संगठन भी उन्हें समर्थन दे सकते हैं। विश्वविद्यालयों की फेडरेशन के कुछ पदाधिकारी कुंटिया की हड़ताल को मजबूत बनाने के लिए मंगलवार को समर्थन देने के लिए केयू यूनिवर्सिटी पहुंच सकते हैं। कुलपति आवास से 50 मीटर दूर प्रदर्शन कर काली जन्माष्टमी मनाते हुए कुंटिया प्रधान रामकुमार गुर्जर ने यह एलान किया।
केयू रजिस्ट्रार ने यूनिवर्सिटी का प्रभावित हो रहे कामकाज को देखते हुए रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कर्मचारियों को शीघ्र काम पर लौटने के आदेश जारी किए थे। बावजूद इसके कुंटिया ने केयू प्रशासन के आदेशों को दरकिनार कर सोमवार को कुलपति प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा के आवास के समक्ष काली जन्माष्टमी मनाने का एलान किया था। कुंटिया के आह्वान पर सैकड़ों कर्मचारी कुलपति आवास का घेराव करने के लिए पहुंचे। वहीं सूचना मिलने पर केयू सुरक्षा कर्मचारी व केयूके थाना प्रभारी सतीश कुमार, थर्ड गेट चौकी प्रभारी कुलदीप सिंह एवं एएसआई राजेश कुमार सहित पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर कर्मचारियों को वीसी आवास से 50 मीटर दूरी पर ही रोक दिया। कुंटिया प्रधान रामकुमार गुर्जर के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सड़क पर बैठकर देर सायं तक प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि मंगलवार को सभी कर्मचारी एक बार विजय ग्राउंड में इकट्ठे होंगे जहां पर इस हड़ताल को नया रूप दिया जाएगा। कुंटिया का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। सोमवार को सर्व कर्मचारी संघ, जनसंघर्ष मंच, एसएफआई ने कुंटिया को समर्थन दिया। इस मौके पर पूर्व प्रधान सुनील कक्कड़, नरेंद्र वर्मा, रामफल, संदीप जडौला, अरविंद शर्मा व दीनानाथ मौजूद रहे।
केयू प्रशासन बातचीत के लिए तैयार : प्रवक्ता
केयू प्रवक्ता ने कहा कि कुंटिया की हड़ताल के चलते यूनिवर्सिटी के कामकाज पर बुरा असर पड़ रहा है। इस हड़ताल के चलते रोजाना सैकड़ों विद्यार्थियों परेशानी झेलनी पड़ रही है। केयू प्रशासन ने कुंटिया की जायज मांगों को मान लिया है। अब कर्मचारियों को जल्द ही वापस काम पर लौट जाना चाहिए। केयू प्रशासन कर्मचारियों से बातचीत के लिए तैयार है।