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8 साल बाद जिला से शिक्षकों के पुरस्कारों का सूखा हुआ दूर, दो शिक्षक लाए हरियाली
- सारसा विद्यालय के एलिमेंटरी हेडमास्टर रमेश शर्मा और बजीदपुर विद्यालय के प्रमोद कुमार शास्त्री का हुआ राज्य पुरस्कार के लिए चयन
सेवा सिंह
कुरुक्षेत्र। आठ साल बाद जिले की झोली में शिक्षक पुरस्कार आने वाला है। पिहोवा खंड के गांव सारसा स्थित राजकीय कन्या विद्यालय के एलिमेंटरी हेडमास्टर रमेश कुमार शर्मा व थानेसर खंड के गांव बजीदपुर स्थित विद्यालय के हेडमास्टर प्रमोद कुमार शास्त्री का चयन राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए हुआ है। शिक्षक दिवस पर गवर्नर हाउस में होने वाले राज्य स्तरीय पुरस्कार समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
शिक्षकों के चयन से दूसरे शिक्षकों में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। देर रात तक बधाइयों का सिलसिला चला। इस साल प्रदेश सरकार ने राज्य शिक्षक पुरस्कारों के लिए 32 शिक्षकों का चयन किया है। इससे पहले वर्ष 2010 में शाहाबाद के इतिहास विभाग के लेक्चरर बलजिंद्र सिंह को यह पुरस्कार मिला था। इसके बाद अब तक इस पुरस्कार के लिए जिला का कोई भी शिक्षक खरा नहीं उतर पाया।
सारसा के स्कूल में वर्ष 2013 से कार्यरत हैं रमेश कुमार शर्मा
रमेश कुमार शर्मा 2013 से गांव सरसा के कन्या विद्यालय में तैनात हैं। 21 बार रक्तदान कर समाज सेवा का भी संदेश दे चुके शर्मा ने न केवल स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ाई बल्कि उनके स्कूल की छात्राएं पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। दो छात्राएं स्टेट बास्केटबॉल चैंपियनशिप में पहुंची। एक छात्रा बैडमिंटन में भी स्थान बनाने में कामयाब रही। एनएमएमएस परीक्षा में भी पिछले तीन वर्षो में 14 बच्चे सफल हो चुके हैं। सौंदर्यकरण में भी स्कूल ब्लॉक स्तर पर प्रथम रह चुका है। रमेश कुमार शर्मा ऐलिमेंटरी हेडमास्टर एसोसिएशन में जिला प्रधान रहते हुए भी हेडमास्टरों की समस्याएं उठाने में भी अहम योगदान निभा रहे हैं।
प्रमोद कुमार ने स्कूल में बहते गंदे नाले पर खिला दिए फूल
गांव बजीदपुर के राजकीय विद्यालय में 2012 से कार्यरत डॉ. प्रमोद कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैंकॉक संस्कृति शोध पत्र प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अपने स्कूल में बहते गंदे नाले पर भी फूल खिला दिए। जब स्कूल में तैनाती हुई तो बीच से गंदा नाला बहता था, जहां आज यह नाला हटवाकर इसकी जगह गुलाब, गेंदा, सफेद चांदनी व गुड़हल के फूल खिले हैं। ग्राम पंचायत व विभाग के सहयोग से उन्होंने विद्यालय का नक्शा ही बदल दिया, जिसके चलते वर्ष 2015 ब्लॉक स्तर पर सौंदर्यीकरण पुरस्कार इस विद्यालय ने हासिल किया। एनएमएमस परीक्षा में हर वर्ष उनके स्कूल से कई बच्चे सफल होते रहे हैं तो वहीं खेलों को भी पूरी तव्वजो दी जाती है।
2007 में दलबीर सिंह मलिक को मिला था राज्य पुरस्कार
वर्ष 2007 में दलबीर सिंह मलिक को राज्य पुरस्कार के लिए चयनित किया गया था। उसके अगले साल स्वतंत्र कुमार व सतबीर सिंह को यह पुरस्कार दिया गया था। 2010 में शाहाबाद के लेक्चरर बलविंद्र सिंह को यह पुरस्कार हासिल हुआ था। उसके बाद से जिले के शिक्षकों की झोली खाली ही थी। दलबीर सिंह मलिक फिलहाल एलिमेंटरी स्कूल हेडमास्टर एसोसिएशन के प्रधान हैं और वे हेडमास्टरों से लेकर बच्चों की समस्याएं भी प्रमुखता से उठाते रहे हैं।
डीईओ अरुण आश्री ने दी बधाई
शिक्षकों का पुरस्कार के लिए चयन होने पर डीईओ अरुण आश्री ने उन्हें बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इससे दूसरे शिक्षकों को भी प्रोत्साहन मिलेगा और यह बेहद खुशी का क्षण है।