फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

न जगह और न ही योजना, तीन दिन में कैसे होंगी धर्मनगरी की कैटल फ्री रोड

विज्ञापन
विज्ञापन
न जगह और न ही योजना, तीन दिन में कैसे होंगी धर्मनगरी की कैटल फ्री रोड
विज्ञापन

फोटो 4,5,6

अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
न पर्याप्त जगह और न ही समुचित योजना, ऐसे में धर्मनगरी की सड़कें अगले तीन दिन में कैसे कैटल फ्री होंगी, यह बड़ा सवाल नगर परिषद से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष खड़ा हुआ है। इस सबके बावजूद दावा किया जा रहा है कि 15 अगस्त तक शहर की सभी सड़कें कैटल फ्री कर दी जाएंगी। हालांकि नगर परिषद मथाना गोशाला के भरोसे ही इस दावे को पूरा करने का दम भर रहा है, लेकिन इसमें भी आज तक चारा रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बन पाई है।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने शहर की सभी सड़कों को कैटल फ्री बनाए जाने के लिए 15 अगस्त तक की समय सीमा निर्धारित की हुई है। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव राकेश गुप्ता भी कई बार अधिकारियों की बैठक में इस समय तक सभी सड़कें कैटल फ्री किए जाने के निर्देश दे चुके हैं तो वहीं पिछले शनिवार को भी उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर इन आदेशों पर सख्ती से अमल किए जाने को कहा था तो वहीं 15 अगस्त के बाद कोई भी पशु सड़कों पर नजर आने पर संबंधित अधिकारी को जिम्मेदार ठहराए जाने के निर्देश भी दिए थे। इसके बाद अधिकारी सड़कों से पशुओं से हटाने के लिए माथापच्ची करते रहे, लेकिन सरकार के इस अल्टीमेटम का काउंटडाउन शुरू हो जाने व महज तीन दिन शेष रहने के बावजूद आज तक न सही रूप से कोई योजना बन पाई है और न ही सैकड़ों पशुओं को रखने के लिए जगह ही ढूंढी जा सकी है। हालांकि वीरवार को प्रशासन ने विभिन्न गोशाला संचालकों की बैठक बुलाई और उन्हें कुछ-कुछ संख्या में पशु रखने की अपील की, लेकिन गोशाला संचालकों ने पहले से ही गोशाला फुल होने की स्थिति से अवगत करवाया तो इस बैठक में भी कोई नतीजा नहीं निकल पाया।
विज्ञापन


मथाना गोशाला ही विकल्प
नगर परिषद प्रशासन को अब सड़कों पर घूम रहे पशुओं के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प के तौर पर मथाना गोशाला ही दिखाई दे रही है। सबसे अधिक पशुओं को मथाना गोशाला में ही भेजे जाने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले भी परिषद प्रशासन ने शहर से सैकड़ों गोवंश को मथाना गोशाला में छोड़ा था, जहां करीब दर्जन भर गोवंश की मौत हो गई थी तो वहीं यहां उनके रखरखाव व व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे। इसी परेशानी से बचने क लिए इस बार नगर परिषद ने पहले से ही लाखों रुपये की राशि यहां जमा भी करवाई है, ताकि कम से कम चारे का प्रबंध किया जा सके।

जिंदल पार्क के पास जमीन दें तो कोई समस्या नहीं : जितेंद्र
गोशाला संघ के प्रधान जितेंद्र शर्मा का कहना है कि जिंदल पार्क के पास गोशाला के पास ही पड़ी 900 गज जमीन गोशाला को दे दी जाए तो पशुओं को रखने में कोई समस्या नहीं होगी। यह सुझाव उन्होंने वीरवार को भी अधिकारियों को समक्ष रखा था, लेकिन अधिकारियों ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई।

आज भी सड़कों पर सैकड़ों गोवंश
धर्मनगरी की सड़कों पर आज भी सैकड़ों गोवंश का जमावड़ा है। मुख्य सड़कों से लेकर कॉलोनी व सेक्टरों की सड़कों पर भी सैकड़ों पशु बेसहारा घूम रहे हैं। विशेष तौर पर रात के समय शहर की मुख्य सड़कों से भी वाहनों का गुजरना मुश्किल हो रहा है तो वहीं कई गोवंश की हादसों के चलते मौत हो चुकी है तो लोग भी चोटिल हुए हैं। अब नगर परिषद कड़े निर्देशों के बावजूद 15 अगस्त तक इन सड़कों को पशुओं से मुक्त कर पाएगी यह तो उसी दिन ही पता चल पाएगा।
विज्ञापन


सभी पशुओं को मथाना गोशाला में ही रखा जाएगा : भारती
नगर परिषद के ईओ बीएन भारती का कहना है कि शहर में करीब सवा सौ बेसहारा पशु घूम रहे हैं। उन्हें कम से कम एक माह के लिए मथाना गोशाला में ही छोड़ा जाएगा और इसी दौरान गांव बारना में बनाई जा रही गोशाला का कार्य तेज कर दिया जाएगा। उसके बनने पर इन सभी पशुओं को वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। इस बार मथाना गोशाला में गोवंश को लेकर कोई अव्यवस्था नहीं रहेगी। जहां पूरी व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी वहीं दो दिन पूर्व ही परिषद की ओर से साढ़े सात लाख रुपये भी जमा करवाने के लिए चेक जारी कर दिया गया है। 15 अगस्त से पहले सभी पशुओं को सड़कों से हटा दिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें