अब द्रोणाचार्य स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक पर तैयार होंगे अंतरराष्ट्रीय स्तर के अर्जुन व द्रोण
- 8 करोड़ की लागत से द्रोणाचार्य स्टेडियम में बनाया जाएगा 400 मीटर ट्रैक
- सरकार ने जारी किया चार करोड़ का बजट, पीडब्ल्यूडी विभाग ने एस्टिमेट मंजूरी के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा
- अगले एक माह में टेंडर जारी होने की उम्मीद तो एक वर्ष तक तैयार कर लिया जाएगा ट्रैक
सेवा सिंह
कुरुक्षेत्र। गड्ढों युक्त द्रोणाचार्य खेल स्टेडियम में कड़ा अभ्यास कर भले ही जिला के एथलेटिक खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा नहीं मनवा पाए, लेकिन अब सिंथेटिक ट्रैक पर अर्जुन व द्रोण तैयार होंगे। खिलाड़ियों को न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक ट्रैक मिलेगा बल्कि अन्य बेहतरीन सुविधाएं भी मिलेंगी। इस पर 8 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सरकार ने इसके लिए चार करोड़ की राशि जारी कर दी है। खेल विभाग ने यह राशि पीडब्ल्यूडी को दे दी है और पीडब्ल्यूडी ने भी फाइनल एस्टिमेट तैयार कर मंजूरी के लिए उच्चाधिकारियों को भेज दिया है। उम्मीद रही है कि अगले एक माह के दौरान ही यह एस्टिमेट मंजूर होते ही टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। एक वर्ष के अंदर ही एस्टिमेट अनुसार कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में सिंथेटिक ट्रैक स्थापित किए जाने के आदेश दिए थे, जिसके चलते खेल विभाग ने पीडब्ल्यूडी से मार्च 2017 में एस्टिमेट मांगा था। हालांकि यह एस्टिमेट खेल विभाग को करीब 9 माह बाद दिसंबर 2017 में मिल पाया, लेकिन अब एस्टिमेट फाइनल कर उच्चाधिकारियों को भेज दिया है।
400 मीटर का 8 लेन होगा ट्रैक
द्रोणाचार्य स्टेडियम में 400 मीटर लंबा सिंथेटिक ट्रैक स्थापित किया जाएगा, जो 8 लेन होगा। इस पर विभिन्न वर्ग की रेस, जैवलिन थ्रो, शॉटपुट, हेमर थ्रो, डिस्कस थ्रो, जंप सहित एथलेटिक्स के अन्य खेलों से संबंधित खिलाड़ी अभ्यास कर सकेंगे। अभी तक पंचकूला, हिसार व रोहतक में ही खिलाड़ियों को सिंथेटिक ट्रैक की सुविधा मिल रही है।
9 करोड़ का तैयार किया गया था एस्टिमेट
खेल विभाग व पीडब्ल्यूडी ने प्राथमिक तौर पर सिंथेटिक ट्रैक स्थापित किए जाने का 9 करोड़ से अधिक का एस्टिमेट तैयार किया था। लेकिन उच्चाधिकारियों ने इसमें से एक करोड़ का बजट कम कर दिया। अब इस पर 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से पीडब्ल्यूडी को चार करोड़ रुपये जारी भी किए जा चुके हैं।
आज तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं पहुंच पाया कोई एथलेटिक खिलाड़ी
शायद यह सुविधाओं का अभाव ही रहा है कि आज तक जिले का कोई भी एथलेटिक खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं पहुंच पाया। लेकिन अब सिंथेटिक ट्रैक व अन्य सुविधाएं मिलने पर यहां वे बेहतर अभ्यास कर पाएंगे। खेल अधिकारी व कोच भी खुले तौर पर स्वीकार कर रहे हैं कि सुविधाओं के अभाव के चलते ही एथलेटिक के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार नहीं हो पाए।
अब तक ये खिलाड़ी ही पहुंच पाए राष्ट्रीय स्तर तक
खेल अधिकारी यशवीर राणा के अनुसार, अब तक एथलेटिक में नेशनल स्तर तक रेस स्पर्धा में जशकरण, अनिल व श्याम और हाईजंप में दलबीर ही अपनी प्रतिभा दिखा पाए हैं।
खिलाड़ियों की बड़ी व पुरानी मांग होगी पूरी : राणा
सिंथेटिक ट्रैक स्थापित करने की खिलाड़ियों की बड़ी व पुरानी मांग थी, जो करीब एक साल तक पूरी हो जाएगी। सरकार ने चार करोड़ रुपयेे जारी कर दिए हैं। पीडब्ल्यूडी ने फाइनल एस्टिमेट भी तैयार कर लिया है। सिंथेटिक ट्रैक के साथ-साथ अन्य बेहतर सुविधाएं भी खिलाड़ियों को मिल पाएंगी। इसके बाद खिलाड़ी कड़ा अभ्यास कर जिला, प्रदेश व देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमका सकेंगे। अभी कच्चे मैदान पर अभ्यास करने में उन्हें बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
यशवीर राणा, जिला खेल अधिकारी