देश के पहले एकीकृत मधुमक्खी पालन एवं विकास केंद्र का सीएम ने किया उद्घाटन
कुरुक्षेत्र ।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के प्रधानमंत्री के इरादे को अन्य राज्यों की तुलना में हरियाणा सबसे पहले पूरा करेगा। प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओपी धनखड़ हर समय नई योजनाएं हरियाणा के किसानों के लिए लागू करने की पहल कर रहे है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को कुरुक्षेत्र जिला के रामनगर में लगभग 10.50 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 25 एकड़ क्षेत्र में स्थापित किये जा रहे इंडो- इस्राइल परियोजना मिशन के बागवानी समेकित विकास के तहत एकीकृत मधुमक्खी विकास केंद्र के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गेंहू व धान की परंपरागत फसलों से अन्य नगदी फसलों की विविधिकरण की इंडो- इस्राइल आपसी सहयोग के स्थापित हरियाणा में सब्जी, फल, फूल, डेयरी व शहद के 5 स्थापित उत्कृष्ठता केंद्र प्रधानमंत्री के इस विजन को साकार करेंगे।
उद्घाटन समारोह में भारत में इजरायल के राजदूत डेनियल कामरॉन, भारत में इजरायल दूतावास में मशाव के कांउसलर डन आलूफ का इजरायली भाषा मेें स्वागत अर्थात स्लोम कहकर मुख्यमंत्री ने उनका स्वागत किया। इंडो-इजरायल आपसी सहयोग के संबंधों को लंबे समय तक सुदृढ़ बनाए जाने की आवश्यकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व में इजरायल और जापान 2 ऐसे देश हैं, जो देशभक्ति के अपने संकल्प के लिए जाने जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि इजरायल ने कुरुक्षेत्र की इस धरा पर अपने परियोजनाओं के तहत यह देश का पहला एकीकृत मधुमक्खी विकास केंद्र खोलने का निर्णय लिया हैं। उन्होंने कहा कि इस समय इस केंद्र में 13 बी-ब्रीडर हैं जिन्हें अगले साल बढ़ाकर 32 किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार प्रति बी-ब्रीडर 4 लाख रुपये की सब्सिडी मधुमक्खी पालन के लिए उपलब्ध करवा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इजरायल का भौगोलिक व वर्षा की स्थिति राजस्थान के समान होते हुए भी सूक्ष्म इकाई के माध्यम से खेती को बढ़ावा देकर इजरायल ने पूरे देश में पहचान बनाई हैं। कम जमीन व कम पानी के उपयोग से खेती करना इजरायल के लोगों ने विश्व को सिखाया हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी पानी की स्थिति अच्छी नहीं हैं, 60 ब्लाक का भूजल स्तर काफी नीचे जाकर डार्क जोन में आ गया हैं। उन्होंने कहा कि किसान हरियाणा की रीढ़ है और इनके हितों को सदैव प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें जैविक खेती को अपनाना होगा, क्योंकि रसायनिक खादों के अंधाधुंध प्रयोगों से उत्पादित खाद्यानों से पंजाब व हरियाणा में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां पनप रही हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 28 मधुमक्खी पालकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया।
डेनियल कामरॉन ने कहा सलाम हरियाणा, नमस्ते हरियाणा
भारत में इजरायल के राजदूत डेनियल कामरॉन ने सलाम हरियाणा, नमस्ते हरियाणा के साथ अपना संबोधन शुरू किया और कहा कि पूरे भारत में इंडो- इस्राइल सहयोग के तहत 14 उत्कृष्ठता केंद्र तथा 18 इंडो-इजरायल की परियोजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसमें से हरियाणा में आज समेकित मधुमक्खी विकास केंद्र के साथ 5 परियोजनाएं हो गई हैं। उन्होंने कहा कि भारत में पहली तरह की एकीकृत मधुमक्खी विकास केंद्र कुरुक्षेत्र के रामनगर में खोलने का उद्देश्य भी इंडो- इस्राइल संबंधों को शहद की तरह बनाना हैं। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री भी गत दिनों इस्राइल के दौरे पर थे और डेयरी क्षेत्र को सुनियोजित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए एक परियोजना पर समझौता किया था, जिसे इजरायल आगे बढ़ाएगा। उन्होंने मई 2018 में इस्राइल में आयोजित एग्रो प्रणाली व एग्रो तकनीक पर आयोजित किए जाने वाली समिट में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल व कृषि मंत्री ओपी धनखड़ को आमंत्रित भी किया। उन्होंने आशा व्यक्त की भारत के कई राज्यों के अधिकारी इस सम्मेलन में भाग लेंगे और इंडो- इस्राइल परियोजनाओं को आगे बढ़ाएंगे।
विश्व को हर बूंद के सदुपयोग की इजरायल ने सिखाई राह: धनखड़
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने अपने संबोधन में कहा कि इजरायल का का क्षेत्रफल 22 हजार वर्ग किलोमीटर हैं तो हरियाणा का क्षेत्रफल 44 हजार वर्ग किलोमीटर हैं। जनसंख्या भी हरियाणा से कम है और बरसात भी 3 गुणा कम हैं, फिर भी सूक्ष्म सिंचाई योजना और पानी की हर बूंद का सदुपयोग कर इन्होंने विश्व को राह दिखाई हैं। उन्होंने सितंबर माह में इजरायल के उनके दौरे का जिक्र किया, जिसमें डेयरी प्रबंधन व दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में इजरायल के साथ सहयोग बढ़ाने के समझौते हुए थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा में प्रति लीटर प्रति पशु दुग्ध उत्पादन 6.8 लीटर हैं और 36 लाख दुधारु पशु हैं। उन्होंने कहा कि हिसार में डेयरी उत्कृष्ठता केन्द्र इजरायल के सहयोग से स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आस्टे्रलिया में प्रति पशु 15 लीटर दुध, न्यूजीलैंड में 17 लीटर, इजरायल में 32 लीटर प्रति पशु दुग्ध उत्पादन हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हरियाणा में कोई भी गाय 10 लीटर व भैंस 15 लीटर से कम दुध उत्पादन नहीं करेगी।
गीता महोत्सव में शामिल होंगे इजरायल की राजदूत
अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में इजरायल के राजदूत भी शा मिल होंगे। कुरुक्षेत्र में इंडो-इजरायल प्रोजेक्ट के उद्घाटन अवसर पर पहुंचे राजदूत डेनियल कामरॉन को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का निमंत्रण मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने दिया है। मुख्यमंत्री के इस निमंत्रण को राजदूत कामरॉन ने सहज स्वीकार करते हुए महोत्सव में पहुंचने पर सहमति दी है।
उद्घाटन अवसर पर इनकी रही उपस्थिति
राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी, विधायक सुभाष सुधा, विधायक डा. पवन सैनी, हरियाणा किसान आयोग के अध्यक्ष डा. रमेश यादव, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के निदेशक एवं राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड के कार्यकारी निदेशक डा. बीएल सारस्वत, बागवानी आयुक्त डा. बीएन मूर्ति, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव डा. अभिलक्ष्य लिखी, चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय हरियाणा के कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह, निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. आरएस हुड्डा, महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल के विस्तार शिक्षा निदेशक डा. समर सिंह, डीन डा. एसके सहरावत मौजूद रहे।