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Kurukshetra News: वर्ष 2025 के पहले तीन महीनों में 114 शोध पत्र प्रकाशित

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कुरुक्षेत्र। प्रो. तेजेंद्र शर्मा।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (कुवि) ने शोध की गुणवत्ता और वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति को सिद्ध करते हुए एक बड़ी उपलब्धि की ओर कदम बढ़ाया है। विश्वविद्यालय के कुल प्रकाशनों की साइटेशन संख्या अब एक लाख के आंकड़े को छूने वाली है, जो शोध में उसकी सुदृढ़ उपस्थिति का प्रमाण है।
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पिछले एक वर्ष के भीतर, कुवि के संकाय सदस्यों और शोधार्थियों ने 686 शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित किए हैं। इन शोध पत्रों में से 498 स्कोपस और वेब ऑफ साइंस जैसे प्रतिष्ठित डेटाबेस में सूचीबद्ध हैं। यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय न केवल शोध उत्पादन में अग्रणी है, बल्कि गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर भी खरा उतर रहा है। 2025 के पहले तीन महीनों में ही 114 शोध पत्र स्कोपस और वेब ऑफ साइंस में प्रकाशित हो चुके हैं, जो यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में यह आंकड़ा और भी ऊंचाइयों को छू सकता है। यह तेजी से बढ़ती शोध सक्रियता विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी शोध संस्थान के रूप में स्थापित कर रही है।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का कहना है कि शोध के क्षेत्र में कार्य करने वाले शोधार्थियों और शिक्षकों को विवि हमेशा सुविधाएं उपलब्ध करवाएगा ताकि वह शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर विवि का नाम रोशन कर सकें। विश्वविद्यालय में रिसर्च कल्चर को बढ़ावा देने के लिए नियमित कार्यशालाएं, शोध सहयोग, और रिसर्च फंडिंग के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। इससे युवा शोधार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक मंच पर कार्य करने की प्रेरणा मिल रही है। कुवि की यह उपलब्धि न केवल प्रदेश के लिए गर्व की बात है, बल्कि देश के लिए भी एक प्रेरणास्पद उदाहरण है। कुवि वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्कृष्ट शोध करने हेतु प्रतिबद्ध है।
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कुवि का एच-इंडेक्स निरंतर सुधार की ओर : प्रो. तेजेंद्र
कुवि की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के निदेशक प्रो. तेजेंद्र शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय का एच-इंडेक्स निरंतर सुधार की ओर अग्रसर है। यह इंडेक्स शोध की गुणवत्ता, स्थायित्व और प्रभाव को मापने का एक महत्वपूर्ण पैमाना है, और इससे यह स्पष्ट होता है कि संस्थान में शोध केवल मात्रात्मक नहीं, बल्कि गुणात्मक भी है।



एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया उच्च शिक्षा रैंकिंग के सर्वेक्षण में भी कुवि को मिली पहली रैंकिंग
नैक ए प्लस-प्लस ग्रेड सत्यापित कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने शिक्षा, शोध, अनुसंधान सहित खेल एवं संस्कृति के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए है। एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया हायर एजुकेशन रैंकिंग 2025-26 के तहत कुवि को हाल ही में भारत सर्वश्रेष्ठ सरकारी बहुविषयक विश्वविद्यालयों की श्रेणी में हरियाणा में पहला स्थान दिया गया है। एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया हायर एजुकेशन द्वारा विश्वविद्यालयों की संकाय की क्षमता, वेलफेयर और विकास, अनुसंधान और नवाचार, पाठ्यक्रम और शिक्षण, उद्योग इंटरफेस, प्लेसमेंट, बुनियादी ढांचे और सुविधाओं, अंतरराष्ट्रीयता, लीडरशिप, गवर्नेंस गुणवत्ता आदि मानकों का मूल्यांकन एवं सर्वेक्षण करने के बाद यह स्थान दिया गया है।

कुरुक्षेत्र। प्रो. तेजेंद्र शर्मा।

कुरुक्षेत्र। प्रो. तेजेंद्र शर्मा।

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