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Kurukshetra News: विश्वविद्यालय के 10 शिक्षकों को मिली सीनियर प्रोफेसर पद पर पदोन्नति

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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्रोणाचार्य द्वार।  
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कमेटी रूम में कार्यकारिणी परिषद की 288वीं बैठक शुक्रवार को आयोजित हुई जिसमें 22 महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक निर्णय लिए गए। बैठक में पिछली कार्यकारी परिषद की कार्यवाही की पुष्टि की गई और उस पर हुई कार्यवाही की समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न शिक्षण विभागों और संस्थानों के शिक्षकों की पदोन्नति के लिए आयोजित चयन समितियों की बैठकों में कई शिक्षकों के नामों पर विचार किया गया।
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बैठक में सीनियर प्रोफेसर, प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के पदों पर शिक्षकों की पदोन्नति को मंजूरी प्रदान की गई। कॉमर्स विभाग की प्रोफेसर नीलम रानी, गणित विभाग के प्रोफेसर विनोद कुमार, भूगोल विभाग के प्रोफेसर एसपी कौशिक, केमिस्ट्री विभाग की प्रोफेसर नीरा राघव, कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन विभाग के प्रोफेसर राकेश कुमार, जियोफिजिक्स विभाग के प्रोफेसर भगवान सिंह चौधरी, यूएसएम की प्रोफेसर निर्मला चौधरी, अंग्रेजी विभाग की प्रोफेसर सुनीता सिरोहा, लाइब्रेरी साइंस विभाग के प्रोफेसर दिनेश कुमार और भूगोल विभाग की प्रोफेसर डॉ. राजेश्वरी को सीएएस के तहत सीनियर प्रोफेसर पद पर पदोन्नति की मंजूरी प्रदान की गई।

इसके साथ ही काॅमर्स विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रश्मि चौधरी और आईआईएचएस के अंग्रेजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर कुलसचिव वीरेंद्र पाल को सीएएस के तहत प्रोफेसर पद पर पदोन्नत करने की मंजूरी प्रदान की गई। वहीं संगीत एवं नृत्य विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आरती श्योकंद व टूरिज्म विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दिनेश कुमार को सीएएस के तहत एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर पदोन्नत करने की मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में उप अधीक्षकों के पदोन्नति मामलों पर स्थापना समिति की सिफारिशों को स्वीकृति दी गई। आईआईएचएस की गणित विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. अभिलाषा को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में पीएचडी कार्य पूर्ण करने के लिए प्रदत्त अवैतनिक अध्ययन अवकाश की अवधि के दौरान वार्षिक वेतन वृद्धि देने के प्रस्ताव को भी सहमति मिली।
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गणित विभाग के ही डॉ. विकास पोपली को एसोसिएट प्रोफेसर (जनरल) पद पर पदोन्नति के लिए चयन समिति की सिफारिशों पर भी चर्चा की गई और संबंधित प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इसी प्रकार टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर (एसएफएस) डॉ. अंकुश अम्बरदार को एक वर्ष के लिए अवैतनिक अतिरिक्त अवकाश प्रदान करने और नियुक्ति अवधि बनाए रखने पर भी परिषद ने सहमति जताई। तकनीकी सलाहकार (सिविल) के रूप में एसएके मोदी की निश्चित अवधि के लिए नियुक्ति को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ कार्यकारी परिषद की यह बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। कुलपति प्रो. सोमनाथ की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर यह फैसला लिया गया। बैठक में कुलसचिव लेफ्टिनेंट डॉ. वीरेंद्र पाल सहित कार्यकारिणी परिषद के सदस्य मौजूद रहे।
रिक्त पदों पर चयन के लिए बनाई गई चयन समिति
बैठक में विभिन्न विभागों में प्रोफेसरों, एसोसिएट प्रोफेसरों और असिस्टेंट प्रोफेसरों के रिक्त पदों पर चयन के लिए बनाई गई चयन समिति के गठन को भी अंतिम रूप दिया गया। इसी के साथ बैठक में बाल देखभाल अवकाश (चाइल्ड केयर लीव) मामलों की समीक्षा समितियों की रिपोर्टों पर भी विचार किया गया। संस्कृत एवं इंडोलॉजिकल स्टडीज संस्थान के प्रो. राजेंद्र सिंह की प्रतिनियुक्ति अवधि को बढ़ाने के प्रस्ताव को अनुमति दी गई। पंजाबी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. परमजीत कौर को एक वर्ष का अतिरिक्त अवैतनिक अवकाश प्रदान किया गया। बैठक में भूभौतिकी विभाग के सेवानिवृत्त प्रो. दिनेश कुमार को पुनः सेवा प्रदान करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
ऑल-वेदर ओलंपिक साइज स्विमिंग पूल निर्माण का सपना साकार
बैठक में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन ऑल-वेदर ओलंपिक साइज स्विमिंग पूल की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। परिषद ने निर्माण कार्य को समयबद्ध रूप से पूरा करने पर जोर दिया। पीएचडी कार्यक्रम शुरू करने के लिए आवेदन शुल्क, अस्थायी एफिलिएशन शुल्क और स्थायी एफिलिएशन शुल्क को निर्धारित करने संबंधी प्रस्ताव को चर्चा के बाद स्वीकृति मिली। आईपीआर एवं टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के मानद प्रोफेसर प्रो. रमेश कुमार मेहता के 4 अक्तूबर 2025 से प्रभावी त्यागपत्र के संबंध में कुलपति की ओर से की गई कार्रवाई को परिषद ने अनुमोदित किया।
25 लाख रुपये तक खरीदे जा सकेंगे वैज्ञानिक उपकरण
बैठक में केवल भारत सरकार की ओर से वित्त पोषित शोध परियोजनाओं के तहत वैज्ञानिक उपकरण खरीद की वित्तीय सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। अब खरीद समिति 10 लाख रुपये के बजाय 25 लाख रुपये तक के उपकरण सीधे खरीदने और सीमित निविदा प्रक्रिया की सीमा 50 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये करने की सिफारिश की गई। इसके साथ ही परिषद ने विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन में चलने वाले पांच ऑनलाइन स्नातकोत्तर कार्यक्रमों एमबीए, एमकॉम, एमए मास कम्युनिकेशन, एमए अंग्रेजी और एमए पॉलिटिकल साइंस की फीस जनवरी 2026 सत्र से बढ़ाने की सिफारिश को भी स्वीकृति दे दी।
दूरस्थ शिक्षा से जुड़े मानदंडों में होगा बदलाव
बैठक में दूरस्थ शिक्षा से जुड़े मानदंडों में बदलाव को भी मंजूरी मिल गई। पर्सनल कॉन्टेक्ट प्रोग्राम और पाठ्य सामग्री के लेखन, जांच और संशोधन जैसे कार्यों के लिए नई दरें और नियम लागू होंगे। स्थायी परिषद की ओर से पहले ही पारित इन प्रस्तावों को अब कार्यकारी परिषद की औपचारिक स्वीकृति मिल चुकी है।
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