हरियाणा के जिला रेवाड़ी के किशन लाल पब्लिक कॉलेज में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग पर प्राचार्य को ज्ञापन देने गए छात्रों को निलंबित करने के विरोध में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं की कॉलेज के गेट के सामनेे दूसरे दिन भी भूख हड़ताल जारी रही।
छात्रों का निलंबन रद्द करने के समर्थन में कालेज के 1900 छात्रों ने हस्ताक्षर कर छात्र आंदोलन का समर्थन किया है।
छात्र नेताओं का आरोप है कि प्राचार्य को कॉलेज परिसर में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और समय से पूर्व सेमेस्टर की फीस का फरमान जारी करने के विरोध में छात्र ज्ञापन देने गए तब न केवल प्राचार्य अपितु वहां मौजूद प्रबंधन ने भी दुर्व्यवहार किया था।
उसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने नोटिस बोर्ड पर तीन छात्रों कुलदीप, बलजीत एवं हितेश को कालेज से निलंबित करने का नोटिस चस्पा दिया था।
निलंबन रद्द करने की मांग के समर्थन में एबीवीपी के कार्यकर्ता कॉलेज के गेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गए थे।
इस मौके पर एबीवीपी के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य महेश, आनन्द यादव, अहीर कॉलेज के छात्र नेता राहूल यादव, डहीना कॉलेज के छात्र नेता नरेन्द्र यादव, बावल कॉलेज के जिला संयोजक विकास चौधरी, केएलपी कॉलेज अध्यक्ष विनय सहित अनेक छात्र नेता धरनास्थल पर मौजूद थे।
यह मामला है
वीरवार को सुबह 11 बजे के करीब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले किशन लाल पब्लिक के छात्र कॉलेज के प्राचार्य को कॉलेज में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग के समर्थन में ज्ञापन देने गए थे।
छात्रों का आरोप है कि प्राचार्य और प्रबंधन ने न केवल ज्ञापन लेने से मना कर दिया अपितु छात्रों पर मामला दर्ज करा कर भविष्य खराब करने की धमकी भी दी। उसके पश्चात कालेज प्रबंधन ने तीन छात्रों का निलंबित कर उनके कॉलेज परिसर में प्रवेश करने पर रोक लगा दी थी।