संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। काछवा गांव में बने खेल स्टेडियम में सुविधाएं कम समस्याएं अधिक हैं। ट्रैक ऊबडखाबड़ है। मैदान में घास उगी हुई है। खेल परिसर के दरवाजे व खिड़की टूटी पड़ी हैं। बास्केटबॉल का पोल जंग खा चुका है। रिंग भी टूट चुकी है। मैदान में बने मंच पर लगी टाइल टूट चुकी हैं। शिकायत पर पिछले साल केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल मनोहर लाल ने दौरा किया तो मैदान की घास कटवा कर इतिश्री कर ली गई। अब घास फिर से उतनी ही बड़ी हो गई है।
खेल परिसर में शाैचालय नहीं है। विद्युत व्यवस्था का हाल ये है कि परिसर में दो लकड़ियों के सहारे तार लटकी हुई हैं। 16 मई, 2017 को खेल मैदान का उद्घाटन किया गया था। छह एकड़ जगह में करीब एक करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से स्टेडियम तैयार किया गया था। स्टेडियम तैयार हो गया लेकिन खेल उपकरण नहीं आए और न ही अभ्यास कराने के लिए कोई कोच। हालात ये हैं कि सुविधा नहीं होने और समस्याओं के कारण कोई खिलाड़ी मैदान में नहीं आता। गांव और आसपास के लिए करीब 100 खिलाड़ी करनाल में स्टेडियम में पंजीकृत हैं। सभी वहीं अभ्यास के लिए जाते हैं।
गांव की कुल आबादी करीब 10 हजार है। एक हजार के करीब युवा सेना व पुलिस की तैयारी करते हैं। सभी को दौड़ के लिए ट्रैक की जरूरत होती है। लेकिन खेल परिसर का ट्रैक दौड़ने लायक ही नहीं है।
केंद्रीय मंत्री ने ले रखा है गोद
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल मनोहर लाल ने गांव काछवा को गोद ले रखा है। पिछले साल ग्रामीणों की शिकायत पर उन्होंने इस खेल मैदान का दौरा किया था। उनके दौरे के बाद ग्राम पंचायत ने मैदान में उगी हुई घास कटवा दी लेकिन अन्य समस्याओं का समाधान नहीं किया। अब तो घास भी दोबारा से उतनी ही बड़ी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआत के दिनों में तो खेल मैदान में सुविधाएं मिलीं लेकिन कुछ समय बाद इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
खेल उपकरण का प्रस्ताव भेजा
जिला खेल अधिकारी राजबीर रंगा ने बताया कि खेल मैदान की सफाई करवा दी गई है। खेल उपकरणों के लिए अधिकारियों को प्रस्ताव बना कर भेज दिया गया है। खिलाड़ियों के लिए भी जल्द से जल्द कोच की नियुक्ति की जाएगी। साथ में ग्राम पंचायत को मैदान की रखरखाव के लिए बोला गया है।
खस्ता हाल ट्रैक। संवाद