संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने फिर सिंधू बार्डर की ओर रुख कर लिया है। गेहूं कटाई के बाद किसानों की आंदोलन में संख्या बढ़ने लगी है। राष्ट्रीय राजमार्ग से बुधवार को किसानों के काफिले दिल्ली की ओर बढ़ते रहे। ये किसान अंबाला की ओर से आए थे। भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने करनाल से गुजरते वक्त किसानों के जत्थे का स्वागत किया।
अंबाला के गांव दुराली के युवा किसान नेता हरप्रीत सिंह दुराली के नेतृत्व में जा रहे इस जत्थे में कुरुक्षेत्र के युवा किसान भी थे। रतन मान ने कहा कभी भी युवाओं की भागीदारी बिना कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। युवाओं में नई ऊर्जा का संचार होता है। किसान आंदोलन के सफल होने तक इसी प्रकार युवाओं का जोश बदस्तूर बना रहना चाहिए। जब तक केंद्र सरकार तीनों विवादित कृषि कानूनों को रद् नहीं करती तथा समर्थन मूल्य पर खरीद गारंटी का बाध्यकारी कानून नहीं बनाती, तब तक किसान आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि किसान रुकने वाले नहीं हैं। किसान आंदोलन कड़ी परीक्षा से गुजर चुका है। अब किसानों की ही जीत होगी। किसानों के हौसले बुलंद हैं। यदि किसानों की मांगाें को जल्द नहीं माना तो केंद्र सरकार कभी अस्थिर हो सकती है। हरप्रीत दुराली ने कहा कि युवा किसानों का दिल्ली कूच जारी रहेगा। यह जत्था सिंघू व गाजीपुर बार्डर पर जाएगा। इस मौके पर जिला संरक्षक महताब सिंह कादियान, किसान नेता कृष्ण जागलान, हरपाल सिंह धन्योड़ा, नवनीत शाहपुर, मोंटी शाहबाद, युद्धबीर सिंह, हरमन सिंह व अन्य किसान मौजूद थे।