पहाड़ी क्षेत्र में हुई बारिश के कारण हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया करीब
सवा लाख क्यूसेक पानी इंद्री क्षेत्र में पहुंच गया। पानी आने की सूचना से
क्षेत्र के किसानों में हड़कंप मचा रहा। यमुना क्षेत्र में जो सब्जियां और
पशु चारा उगाया था वह पूरी तरह से नष्ट हो गया।
प्रशासन की ओर से बाढ़ से
निपटने के लिए इंतजाम पूरे किए गए हैं। पानी आने की सूचना मिलते ही आसपास
के गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। सिंचाई विभाग ने पानी कम होने की
सूचना पाकर राहत की सांस ली है।
सुबह करीब साढे़ दस बजे हथिनीकुंड
बैराज से छोड़ा गए पानी ने इंद्री क्षेत्र में प्रवेश किया। पानी आने की
सूचना मिलते ही क्षेत्र के लोग अपना सामान बचाने के लिए दौड़ते नजर आए।
पानी के कारण अधिकतर सब्जियां नष्ट हो गईं। ये सब्जियां यमुना क्षेत्र में
उगाई गई थी। सब्जियों के साथ-साथ पशुचारे को भी नुकसान हुआ है। इसके कारण
सब्जियां मंहगी होने के आसार बढ़ गए हैं। हालांकि पहाड़ों में मानसून की
पहली भारी बारिश होने के कारण यह पानी छोड़ा गया है। यमुना के आसपास के
क्षेत्र के लोगों ने पशु तथा अन्य सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना
शुरू कर दिया है।
साढे़ चार लाख क्यूसेक पानी से आती है बाढ़
सिंचाई
विभाग के एक्सईएन मुनीष शर्मा ने बताया कि बुधवार को करीब तीन बजे
हथिनीकुंड बैराज से करीब सवा लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। यह पानी
वीरवार 10 बजे इंद्री क्षेत्र में आया। इस पानी के कारण किसी प्रकार के
भारी नुकसान की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि साढ़े चार लाख
क्यूसेक पानी से बाढ़ की स्थिति बनती है। सिंचाई विभाग ने लोगों को अलर्ट
किया है।