हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के युवा अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह
अरोड़ा समेत काफी संख्या में मौजूद सिखों ने कहा कि हरियाणा के वित्त
मंत्री एचएस चट्ठा, जगदीश झींडा और दीदार सिंह नलवी को पंथ से निष्कासित
करना बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने हरियाणा के सिख समुदाय के लोगों की आवाज
उठाई है।
हरियाणा के लोगों का पक्ष सुने बिना ही एकतरफा फैसला दिया गया
है। वीरवार को हरियाणा में अलग से हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक
कमेटी को समर्थन करने वाली सभी सिख जत्थेबंदियां कमेटी के युवा अध्यक्ष
अमरेंद्र सिंह अरोड़ा की अध्यक्षता में डीएवी कॉलेज के पास एकत्रित हुए और
नारेबाजी कर कमेटी चौक पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों ने पंजाब के मुख्यमंत्री
प्रकाश सिंह बादल और एसजीपीसी के प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ के प्रति
नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने शहर की प्रमुख सड़कों पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कमेटी चौक पर पहुंचकर पुतला फूंका। हरियाणा सिख
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बैनर तले सभी सिख जत्थेबंदियों ने कमेटी चौक
पर एकत्रित होकर प्रकाश सिंह बादल और अवतार सिंह मक्कड़ के खिलाफ नारेबाजी
की।
इस अवसर पर कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरविंद्र सिंह ने कहा कि
बिना वजह और बिना हरियाणा का पक्ष सुने इन नेताओं को पंथ से निष्कासित करना
हरियाणा की सिख संगत कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने जगदीश झींडा, नलवी
और वित्तमंत्री चट्ठा को पंथ से निष्कासित करने के कदम को निंदनीय बताया।
इस अवसर पर सचिव मनमोहन सिंह डबरी ने हरियाणा के सिखों से अपील की कि
हरियाणा की सिख संगत अब इकट्ठा होकर मिलकर हरियाणा के सिखों के हित में लिए
गए फैसलों को अब अमलीजामा पहनाएं, जिससे हरियाणा के सिखों की भलाई के लिए
कार्य किए जा सके।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार सभा के बाबा बलविंद्र सिंह
तथा हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी युवा के प्रदेश महासचिव अंग्रेज
सिंह पन्नु ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने निजी
स्वार्थों के लिए हरियाणा के सिख समाज व एसजीपीसी का सदा ही इस्तेमाल किया
है।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष बलविंद्र सिंह विर्क ने कहा कि हरियाणा सिख
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को लेकर बादल दल अब घटिया राजनीति पर उतर आया है,
जो उन्हें शोभा नहीं देता। हरियाणा कमेटी के उपप्रधान गुरताज सिंह वड़ैच
ने कहा कि अब हरियाणा की अपनी कमेटी बन चुकी है और इसे संवैधानिक मान्यता
भी मिल चुकी है।
इस पर अब विवाद नहीं खड़ा करना चाहिए और हरियाणा के सिखों
को अपना छोटा भाई समझकर हक में फैसला देना चाहिए। जिला सचिव हरविंद्र सिंह
ने कहा कि अकाल तख्त के हुक्मनामे पर बादल और मक्कड़ की मिलीभगत है और यह
पूर्णता राजनीति से प्रेरित है। इस अवसर पर नरेंद्र सिंह कत्याल, सचिव
इंद्रपाल सिंह, लुबाना बिरादरी के प्रधान जरनैल सिंह, जिला महासचिव इकबाल
सिंह, जोगिंद्र सिंह रंगरेटा, गुरप्रीत सिंह, अमरजीत सिंह बांसा, सुरजीत
सिंह बांसा, हरविंद्र सिंह, सुलतान सिंह, कुलदीप सिंह, पलविंद्र सिंह बेदी
मौजूद रहे।