संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में पार्कों के अलावा पश्चिमी यमुना नहर का किनारा भी लोगों के लिए सैर व पिकनिक स्पॉट बनने वाला है। इसके लिए कई माह से रिवर फ्रंट परियोजना को अमलीजामा पहनाने में लगे नगर निगम अफसरों ने धरातल पर काम लगाने के लिए कदम बढ़ाए हैं।
परियोजना पर पहले 12.87 करोड़ खर्च आने का अनुमान था। अब 10.35 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च पर ई-निविदा लगाकर 28 अगस्त तक बिड मांगी गई है। रिवर फ्रंट बाडी माजरा पुल से फतेहपुर पुल तक पश्चिम यमुना नहर के किनारे बनना है। इसकी लंबाई करीब साढ़े चार किमी. लंबा होगी। इसमें 600 मिमी. लैंडस्केप एरिया सहित 2000 मिमी चौड़े फुटपाथ होंगे। साथ ही 1050 मिमी ऊंची दीवार व 1200 मिमी ऊंची बाड़ व ग्रीनरी होगी। परियोजना का काम दिव्य नगर योजना में होगा।
इसके तैयार डिजाइन से लेकर खर्च होने वाली अनुमानित राशि पर निगम अफसरों स्वीकृति ले चुके हैं। कार्य पूरा करने की अवधि 13 माह दस दिन की है। अगर पहली बार लगी ई निविदा की प्रक्रिया पूरी होती है, यानी पहली बार लगी ई निविदा में पर्याप्त संख्या में एजेंसियों-ठेकेदारों से बिड आती है और वह नियमों व शर्तों पर खरा उतरती है तो अगले 15 माह में नवंबर-2026 तक यह परियोजना पूरी हो सकती है।
ऐसा होने पर नहर के चलते पानी के मनोरम दृश्य के साथ सैर, योग, खेलकूद व अन्य मनोरंजन की गतिविधियां हो सकेंगी। चूंकि रिवर फ्रंट में चौड़ी रोड व फुटपाथ और बैठने के लिए बेंच जैसी सुविधाएं होंगी। पत्थर की दीवार पर बाड़ लगाने के लिए जाली होगी और फैंसी डेकोरेटिव लाइट भी लगेंगी।
जलभराव व कचरे से मिलेगी निजात
जहां रिवर फ्रंट बनना है, वहां पश्चिमी यमुना नहर की पटरी से आजाद नगर, चिट्टा मंदिर रोड, शांति कॉलोनी, यमुना विहार, दशमेश कॉलोनी व अन्य रिहायशी क्षेत्र हैं। जहां से कचरा यमुना नहर की पटरी किनारे गिराया जाता है। जगह-जगह कचरे के ढेर व मलबा है। साथ ही नहर की पटरी से लगती आजाद नगर की गलियों में जलभराव की भी समस्या है। ऐसे में रिवर फ्रंट परियोजना से कचरे, जलभराव व उससे होने वाली दिक्कतों से निजात मिल सकती है।
रिवर फ्रंट परियोजना पर जल्द काम शुरू कराने का प्रयास है। इस संबंध में निगम के अफसरों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। - सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।