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सिस्टम से लड़ते-लड़ते 9 दिन बाद जंग हार गए साहित्यकार मनोज

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कर्ण नगरी के साहित्यकार एवं शिक्षाविद मनोज गौतम कोरोना के बाद फेफड़ों के संक्रमण के उपचार के लिए सिस्टम से लड़ते-लड़ते 9 दिन बाद जंग हार गए। शुक्रवार सुबह उनकी मौत की सूचना से करनाल में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं इलाज में लापरवाही के आरोप भी मेडिकल कॉलेज पर लग रहे हैं।
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विदित हो कि फेफड़ों में इंफेक्शन होने पर 12 मई को उन्हें मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया था, लेकिन यहां उन्हें सही उपचार नहीं मिला तो उन्होंने आपबीती सोशल मीडिया पर भी शेयर की थी। जिसमें उन्होंने बताया कि किस तरह से उन्हें केवल स्ट्रेचर पर डालकर इधर-उधर घुमाया जा रहा है। इसके बाद जब तबियत और बिगड़ी तो परिवार ने शहर की सामाजिक संस्थाओं की मदद से उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां वीरवार की देर रात एक बजे उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मॉडल टाउन स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार हुआ। रोहतक के सांसद डा. अरविंद शर्मा, निफा के चेयरमैन प्रीतपाल पन्नू सहित शहर की संस्थाओं, राजनेताओं, व्यापारियों और शिक्षाविदों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
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