माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर्स ने सरकार को चेतावनी दी है कि मंगलवार को उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो वे 26 मार्च को महापंचायत करेंगी। सरकार ने उन्हें 22 मार्च तक मांगें मानने और बर्खास्त वर्कर्स और हेल्पर्स को बहाल करने का वादा किया था।
सोमवार को आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन की हड़ताल को 104 दिन हो चुके हैं। लघु सचिवालय के समक्ष 11 वर्कर्स अनशन पर बैठीं। धरने की अध्यक्षता प्रधान रूपा राणा और सचिव बिजनेश राणा ने की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अब वादे से मुकरी तो महापंचायत में जिले की सभी तीन हजार वर्कर्स और हेल्पर्स हिस्सा लेंगी। इसके अलावा परियोजना कर्मी, सर्व कर्मचारी संघ, संयुक्त किसान मोर्चा और हरियाणा के सभी जन संगठन शामिल होंगे। सोमवार को मूर्ति, अग्रेजो, खजानी, बेलपति, सुमित्रा, लीला, संतोष, सुनीता, सुनीता, वेदवति और अंगूरी अनशन पर बैठीं।
सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी और सचिव जगपाल राणा ने कहा कि सरकार की ओर से कहा गया है कि मानदेय के साथ महंगाई किस्त की प्रक्रिया जारी रहेगी, उसको लिंक करने पर ऑटोमेटिक महंगाई भत्ता की किश्त मानदेय में जुड़ती रहेगी। इस तरह से 17 मांगों पर सहमति बनी थी लेकिन दो मांगों के कारण अभी भी आंदोलन अटका है। इस अवसर पर कृष्ण शर्मा, भाग सिंह, धीरज सिंह रावत, जोगा सिंह, सर्वेश राणा, मंजू, संतोष और रीना मौजूद रहे।
सरकार अपना वादा पूरा करे, 22 मार्च को मांगों पर समाधान का सरकार की ओर से वादा किया गया है।
- विद्या
सरकार को अपनी घोषणाओं को लागू करना चाहिए। अब तक नौ बार बातचीत हो चुकी है, लेकिन समाधान नहीं निकला।
- पूनम
महापंचायत की तैयारी में जुटे हैं। सभी गांवों से वर्कर्स हिस्सा लेंगी, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
- भूवनेश
सरकार को अपना वादा पूरा करना चाहिए। अन्यथा आंदोलन और तेज होगा। हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।
- रेखा यादव