करनाल। जिले की महिलाओं के लिए वर्ष 2024 बेहतर रहा। इस वर्ष घरौंडा कस्बे की बेटी जज बनी तो वहीं एक ही परिवार की दो बेटियों को बिना खर्ची व पर्ची के बिजली व शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल हुई। खेल जगत में भी करनाल के शामगढ़ गांव की बेटी राइजा पहली बार ओलंपिक में पहुंची। इसके अलावा भी कई अन्य महिला खिलाड़ियों ने कई उपलब्धियां हासिल हुई।
खेल में बैडमिंटन खिलाड़ी नीरज, बॉक्सर मानसी मलिक व तमन्ना ने भी अपनी काबिलियत के दम पर जीत का परचम लहराया। वहीं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उद्योग व व्यापार के क्षेत्र में अपने हुनर के दम पर नाम कमाया। प्रदेश सरकार द्वारा उनके लिए शहर में साझा बाजार के रूप में एक ऐसा मंच दिया, जहां महिलाएं अपनी दस्तकारी के सामान को उचित मूल्यों पर बेच सकती हैं।
महिला व बाल उत्थान के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाली महिलाओं के लिए इस बार राज्य स्तर पर कैश अवार्ड की सुविधा शुरू की गई थी। जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं के लिए पुरस्कार योजना शुरू हुई। इसमें 21 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक पुरस्कार दिए जाएंगे। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए शहर में साझा बाजार की शुरुआत की गई। यूथ एशियन चैंपियनशिप में जिले की दो खिलाड़ियों ने पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया।
घरौंडा कस्बे की बेटी राधिका सेन ने हरियाणा जज परीक्षा उत्तीर्ण कर जिले का नाम रोशन किया, हालांकि पहले प्रयास में मामूली अंतर से चूक गई थी। दूसरे प्रयास में उनकी मेहनत रंग लाई और जैसे ही अंतिम सूची जारी हुई तो उसमें उनका नाम आ गया। अपने इस लक्ष्य को पाने के लिए राधिका ने दिन में 15 से 16 घंटे तक पढ़ाई की। उनके पिता ने बताया कि उसने वकालत की पढ़ाई दिल्ली से की व मास्टर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉ (एलएलएम) की पढ़ाई कुरुक्षेत्र से की। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने ने मध्यप्रदेश में जज पद के लिए परीक्षा दी थी और उसमें भी वह पास हो गई थी, लेकिन साक्षात्कार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
कर्णनगरी की मुक्केबाज तमन्ना ने यूथ एशियन चैंपियनशिप में अपनी पहली फाइट जीत कर परचम लहराया। चिड़ाव गांव निवासी तमन्ना का कजाखस्तान के अस्ताना में इस वर्ष जमकर मुक्का चला। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज पर शुरुआत से ही अपने पंचों की बौछार करते हुए मुकाबला अपने नाम किया। तमन्ना की और तीन बहनें भी कर्ण स्टेडियम की बेहतर बॉक्सर हैं। तमन्ना ने इससे पहले रोहतक में आयोजित नेशनल कैंप में मुक्केबाजी की बारीकियां सीखीं।
कर्णनगरी की बैडमिंटन खिलाड़ी नीरज ने 11 जुलाई 2024 को युगांडा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया था। नीरज पहले भी विभिन्न प्रतियोगिता में पदक जीतकर भारत का नाम चमका चुकी हैं। साथ ही वर्ष 2022 में इंडोनेशिया ओपन में दो कांस्य पदक जीते, वर्ष 2023 स्पेन ओपन लेवल-दो में वूमन डबल में कांस्य पदक, मार्च 2023 में वूमन डबल मुकाबले में कांस्य जीता, पैरा फर्स्ट एडिशन में स्वर्ण पदक जीत चुकी है। अब उनकी नजर 2028 में लॉस एंजेलिस, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित होने वाले पैरालंपिक खेलों में देश के लिए पदक जीतने पर है।
बॉक्सिंग में मानसी मलिक खिलाड़ियों के लिए मिसाल बनी हैं। मानसी को पहलवानी व मुक्केबाजी के गुर बचपन से ही परिवार से मिले। वह अभी 14 साल की है और वह राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के दम पर जिले व अभिभावकों का नाम रोशन कर रही है। मानसी ने हाल ही में एशियन सब जूनियर अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग में रजत पदक जीतकर विदेशी धरा पर जीत का परचम लहराया है। प्रतियोगिता में 67 से 70 भार वर्ग में उनका फाइनल मुकाबला अबू धाबी में कजाखस्तान की बॉक्सर के साथ हुआ।
करनाल के कतलाहेड़ी गांव की सीता महिलाओं के लिए मिसाल बनी है। उन्होंने गुड़गांव के रिमोट पायलट प्रशिक्षण केंद्र से पिछले साल प्रशिक्षण लेकर अब तक एक हजार एकड़ भूमि पर ड्रोन से स्प्रे करने का रिकॉर्ड बनाया है। वह वर्तमान में महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं और फसल पर नैनो यूरिया का स्प्रे करने के लिए मशहूर है। वह अपनी काबिलियत के दम पर व्यापार व उद्योग के क्षेत्र में पायलट दीदी के रूप में नाम कमा रही है।
घरौंडा कस्बे के हसनपुर गांव की रहने वाली लखपति दीदी गीता, बाला जी स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। इस समूह से जुड़ कर गीता ने समूह की बचत से ऋण लेकर स्वयं की किराना दुकान खोली, जिसकी मासिक आय 20 हजार रुपये है। अब मेहनत के दम पर उनका व्यापार लाखों रुपये में पहुंच गया है। समूह में शामिल होने के बाद 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं उत्तीर्ण की। वर्तमान में समूह सखी और मास्टर ट्रेनर के रूप में अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण दे रही हैं। अब उसकी मासिक आय लाखों में है। इसके लिए उसे कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा सम्मानित भी कर चुके हैं। संवाद