सावन मास की शिवरात्रि के पर्व पर गुरुवार को शहर से लेकर गांव तक बम-बम भोले की गूंज रहेगी। भोले के भक्तों ने शिवरात्रि को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। शहर के मंदिर भी सजकर तैयार हो गए हैं। भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करने के लिए कांवड़िये भी हर हर महादेव के जयकारों के साथ गंगाजल लेकर लौट रहे हैं। डाक कांवड़ के अलावा अन्य कांवड़ लेकर आने वाले ज्यादातर भोले के भक्त अपनी अपनी मंजिल पर पहुंच गए हैं। भक्तों की सुविधा को लेकर मंदिर कमेटियों द्वारा भी पूर्ण तैयारियां की गई हैं। सुबह साढे़ चार बजे से मंदिरों में भगवान शिव का जलाभिषेक शुरू होगा, जो रात को करीब 08:20 बजे तक चलेगा। ऐसे में पूरा दिन मंदिरों में भक्तों की भीड़ रहेगी।
शिवरात्रि पर शहर के मंदिरों में जुटने वाली भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिरों में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शहर के प्रसिद्ध कर्णेश्वर मंदिर, सेक्टर-13 स्थित गीता मंदिर, मां दुर्गा मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, सेक्टर-14 स्थित कृष्णा मंदिर, सनातन धर्म मंदिर आदि मंदिरों में जुटने वाली भक्तों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जलाभिषेक के समय भक्तों की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए मंदिर कमेटियों द्वारा सौ से अधिक लोगों की तैनाती की गई है। इससे अलावा मंदिरों में बेरीकेट व सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। भक्तों के लिए सुबह चार बजे से पहले ही मंदिरों के कपाट खोल दिए जाएंगे। भक्तजन 4:30 बजे से भगवान शिव का रूद्राभिषेक कर सकेंगे।
सेक्टर छह स्थित शिव मंदिर में बनाई 71 फुट की शिवलिंग
शिवरात्रि को लेकर शहर के मंदिरों को रंगीन लाइटों व फूलों से सजाया गया है। सेक्टर-6 स्थित शिवमंदिर में बनाई गई 71 फुट की शिवलिंग लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसके अलावा प्राचीन शिव मंदिर व कर्णेश्वर मंदिर में भोले व पार्वती की झांकियां भी लोगों का मन मोह रही हैं।
मंदिरों में उमड़ने लगी भक्तों की भीड़
शिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए हरिद्वार व गंगोत्री से गंगाजल लेकर कांवड़िये लौटने लगे हैं। डाक कांवड़ को छोड़कर अन्य सभी कांवड़ लाने वाले शिव भक्त एक दिन पहले ही मंदिरों में पहुंच गए हैं। भक्तों द्वारा लगाए जा रहे हर हर महादेव के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठे हैं। डीजे की धुन पर थिरकते शिव भक्तों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया है।
भक्तों में लगी महंगी कांवड़ लाने की होड़
शिव भक्तों की श्रद्धा ने कांवड़ यात्रा का ट्रेंड भी बदल दिया है। अब शिव भक्तों में महंगी कांवड़ लाने की होड़ लगी है। हरिद्वार से झूला कांवड़ लेकर लौट रहे शिवभक्त रिंकू, सागर, रविंद्र, रवि, महेशी, मोटू और छोटू ने बताया कि वे पिछले चार सालों से कांवड़ लेकर आ रहे हैं। इस बार वे 50 हजार रुपये की कांवड़ लेकर आए हैं। गंगोत्री से कांवड लेकर लौट रहे जींद के शिव भक्त मोहन लाल ने बताया कि इस बार उनके ग्रुप में 32 सदस्य हैं। करीब 10 दिन पहले वे गंगोत्री से कांवड़ लाने गए थे, इस बार झूला कांवड़ लाने में उनका करीब चार लाख रुपये का खर्च आया है। इसमें ग्रुप के सभी सदस्य व मंदिर कमेटी के लोगों का सहयोग मिला है।
वर्जन
सावन की शिवरात्रि पर भगवान शिव की भक्ति करने से इंसान की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। भक्तजन सूर्योदय से अपराह्न तक शुभ मुुहूर्त में जलाभिषेक कर सकेंगे। इस बार जलाभिषेक सोमवार को होने की वजह से शुभ है। इससे भक्तों को शिवभक्ति के दोगुने फल की प्राप्ति होगी।
- पंडित यशपाल हंस, करनाल