संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। खिलाड़ियों को यदि कर्ण स्टेडियम या खेल नर्सरियों में बेहतर खेल सुविधाएं दी जाएं तो उनका खेल सुधरेगा। खेल सुधरेगा तो प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। इससे पदक मिलेंगे। देश-विदेश में करनाल का नाम रोशन होगा।
बुधवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में खिलाड़ियों ने खेल मैंदानों की स्थिति और उनको मिलने वाली सुविधाओं पर अपनी बात रखी। सभी का कहना था कि बेहतर सुविधाओं से खिलाड़ियों का खेल और सुधरेगा और करनाल की धरती से और पदकवीर निकलेंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी नर्सरियों के कोच प्रतिभाओं को तराशने में पूरा समय नहीं देते। खेल मैदान में नए उपकरणों की दरकार है। खिलाड़ियों को खुराक भत्ता समय पर नहीं मिलता। मासिक भत्ता खेल नर्सरियों का कार्यकाल समाप्त होने पर मिलता है। इस बार भी ऐसा ही हुआ।
प्रमुख मांगें
नया इंडोर स्टेडियम बनाया जाए। कर्ण स्टेडियम में इंडोर बॉक्सिंग हॉल, बैडमिंटन व तलवारबाजी हाॅल जर्जर हो चुके हैं।
खिलाड़ियों को खुराक भत्ता समय पर दिया जाए। नर्सरियों के सत्र के दौरान भत्ता मिलने से ही उनको लाभ मिलेगा।
गांवों में खेल परिसरों की हालत सुधारी जाए। नए उपकरण दिए जाएं। साफ-सफाई की व्यवस्था हो। कोच नियुक्त हों।
अभ्यास को पूरा समय दें
सरकार की ओर से बेहतर खेल प्रशिक्षक भर्ती किए गए हैं। लेकिन वह खिलाड़ियों को पूरा समय नहीं देते। इस कारण से खेल प्रतिभाएं नहीं उभर पाती। खिलाड़ियों को अधिक पैसा खर्च कर निजी कोचिंग लेनी पड़ती है। - प्रियांशु
समय पर नहीं मिल रहा भत्ता
खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास के साथ-साथ खुराक भत्ता भी समय पर मिलेगा तो खिलाड़ी और बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। वर्तमान में खिलाड़ियों को खुराक भत्ता समय पर नहीं मिल रहा है। इसे सही किया जाए। - युवराज
कोचिंग बेहतर मिलनी चाहिए
खिलाड़ियों को खेल नर्सरियों में न तो बेहतर खेल सुविधा मिल पाती और न ही सही उपकरण। इस कारण से उनका हुनर विकसित नहीं हो पाता। खिलाड़ियों को सही समय पर सही मार्गदर्शन और कोचिंग मिलनी चाहिए। - अंकित
प्रदर्शन अनुसार मिले सम्मान
खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के अनुसार सम्मान भी नहीं मिलता। बहुत से ऐसे खिलाड़ी हैं जो बेहतर मंच न मिलने से खेलों का अभ्यास करना ही छोड़ जाते हैं। खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन जरूरी है। - साहिल
खेल सामग्री में दी जाए छूट
हुनर हर बच्चे में होता है लेकिन सही मार्गदर्शन व आर्थिक तंगी के कारण खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को नहीं निखार पाते। खेल उपकरण महंगे हैं। पंजीकृत खेल नर्सरियों के लिए खेल सामग्री में छूट मिलनी चाहिए। - सावन मिरघान
टूर्नामेंट से पहले ही दें राशि
खिलाड़ियों का किसी भी टूर्नामेंट में चयन होने के बाद सरकार की ओर से उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाए। इस सुविधा के मिलने से खिलाड़ियों को हौंसला मिलेगा और वह प्रोत्साहित होकर भी बेहतर कर पाएंगे। - लक्षिका
समय पर मिले प्रोत्साहन राशि
प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के लिए बेहतर तो कर रही है लेकिन वह समय पर मिल जाए तो ठीक रहेगा। टूर्नामेंट के स्थान पर खिलाड़ियों, खासकर लड़कियों के लिए, रहने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। - कृति
आयोजन स्थल पर हों सुविधाएं
महिला क्रिकेट के टूर्नामेंट के आयोजन स्थल पर खिलाड़ियों के रहने की बेहतर व्यवस्था नहीं होती। दो साल टूर्नामेंट में मैदान ऐसा था जहां कभी क्रिकेट नहीं खेली गई थी। रहने की व्यवस्था नही थी। - नैना
मैदान का सही से हो रखरखाव
खिलाड़ियों के लिए बेहतर खेल मैदान होना चाहिए। समय-समय पर रखरखाव जरूरी है। पुरुष खिलाड़ियों के मैदान की देखरेख तो होती है लेकिन महिला क्रिकेटरों के मैदान की ओर ध्यान नहीं दिया जाता। - ऋतु
कोच दें खिलाड़ियों को समय
सरकारी खेल नर्सरियों में कोच खिलाड़ियों को पूरा समय नहीं देते। इस कारण से खिलाड़ियों को महंगे दामों पर प्राइवेट कोचिंग लेनी पड़ती है। हालांकि सरकारी कोच बेहतर शिक्षित होता हैं।- भारत