जितेंद्र नरवाल
करनाल। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के कुंजपुरा रोड स्थित सब डिवीजन स्टोर से 4.24 लाख रुपये के दो एलटी एबी लाइनों के ड्रम दिनदिहाड़े चोरी हो गए। आरोप जेई पर है। सीसीटीवी में घटना से संबंधित फुटेज हैं। इनमें 29 सितंबर को करीब चार बजे चारपहिया वाहन में दोनों ड्रमों को लोड कर ले जाते देखा जा सकता है। ड्रमों को ले जाने के लिए चालान, गेट पास तक बनवाया गया। रसीद तक काटी गई। जेई के अनुसार उन्होंने दोनों ड्रमों की रिकवरी करा ली है।
स्टोर में ताराें के दो ड्रम कम मिले तो जांच हुई। सामने आया कि जेई की अनुमति से तारों के ड्रमों को बाहर निकाला गया था। स्टोर एसडीओ नीरज गोयल ने जेई सुरेंद्र पाल को जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ सेक्टर-9 चौकी में शिकायत दी। बिजली निगम के मुख्यालय और विजिलेंस को भी पत्र भेजा।
सोमवार को मामले की जांच करने सेक्टर नौ चौकी से पुलिस कर्मी भी स्टोर पहुंचे। उन्होंने जेई से पूछताछ की। सीसीटीवी की फुटेज, चालान, गेट पास से लेकर रसीद और अन्य अहम दस्तावेज मांगे गए हैं। जेई को कागजों के साथ मंगलवार को बुलाया गया है। जेई ने आरोपों को बेबुनियाद बता रहे हैं। उनका कहना है कि रोजाना के असंख्य कामों के चलते ये गेट पास और चालान कैसे बने, इसका उन्हें अंदाजा भी नहीं लगा। हालांकि बाद में जैसे ही घटना का पता चला तो उन्होंने खुद तारों के दोनों ड्रम रिकवरी करवा ली थी।
चौकी इंचार्ज संदीप त्यागी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद जो भी स्थिति स्पष्ट होगी उसके आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अन्य कर्मचारी भी संदेह के घेरे में
जांच अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में ड्रम को ले जाने वाले, इनको निकलवाने वाले अन्य कर्मचारी भी संदेह के घेरे में हैं। जेई के हस्ताक्षरों पर किन-किन लोगों ने इस काम में मदद की उन पर भी संदेह बना है। निगम की टीम स्टोर के सभी सामान की जांच करेगी। दो साल में कितना सामान गया और कितना आया, इसकी पड़ताल होगी। स्क्रैप की भी जांच की जाएगी।
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स्टोर से करीब 4.24 लाख रुपये के दो केबल ड्रम चोरी होने की शिकायत और सबूत पुलिस समेत मुख्यालय और विजिलेंस को दे दी है। पुलिस ने जांच कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले दो साल से कार्यरत जेई का रिकॉर्ड भी खंगाला जाएगा। स्टोर के पूरे सामान की जांच कराई जाएगी। -नीरज ग्रोवर, एसडीओ, स्टोर, यूएचबीवीएन, करनाल।
ये सब कैसे हुआ इसकी मुझे भी भनक नहीं लगी। जब मामला संज्ञान में आया तो उसी समय दोनों ड्रम की खुद रिकवरी कराई है। इससे निगम का नुकसान होने से बचाया गया है। -सुरेंद्र पाल, जेई, स्टोर, यूएचबीवीएन, करनाल