कैथल में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि धारा 370 कश्मीर के महाराजा की नहीं कांग्रेस की देन है। कश्मीर के लिए दोहरी नागरिकता का फैसला पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू ने स्वीकार किया था। जो आज खुद कश्मीर के लिए घातक साबित हो रहा है। यही कारण है कि स्वयं 8 लाख 40 हजार से अधिक मुसलमानों ने राष्ट्रपति को जून में ज्ञापन देकर इसे समाप्त करने की मांग की थी।
इंद्रेश कुमार रविवार शाम सनातन धर्म मंदिर में राष्ट्रीय सुरक्षा विषय पर आयोजित गोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। इंद्रेश कुमार ने मौजूद सभी को कन्या भ्रूण हत्या न करने एवं बहन-बेटियों के सम्मान की रक्षा का संकल्प दिलवाया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को देश के जवानों की मौत से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण 1947 में जो एक रुपया एक डॉलर के बराबर था, आज 70 तक पहुंच चुका है। रुपये की मजबूती के लिए जरूरी है विदेशी कंपनियों की वस्तुओं को जितना संभव हो सके, कम प्रयोग करें। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे धर्म परिवर्तन और कन्या भ्रूण हत्या रोकने का संकल्प लें।
गोष्ठी को मंदिर प्रबंधक समिति के अध्यक्ष रविभूषण गर्ग, महंत छवि रामदास, आरएसएस के श्याम बंसल ने भी संबोधित किया। इस मौके पर धर्मबीर केमिस्ट, सुरेंद्र बिट्टू, पुनीत चौधरी, विनोद सिंगला, सतीश सिंघल, सुरेंद्र गर्ग, अरुण सर्राफ, पंडित लज्जा राम, सुरेंद्र सौदा, प्रवीण चौधरी, प्रो. पीसी मित्तल, जगदीश गुप्ता, रविंद्र तंवर, रमेश गुप्ता एडवोकेट सहित शहर के अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।