माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/घरौंडा। मंगलोरा के समीप यमुना में हरियाणा और उत्तर प्रदेश सीमा का विवाद एक बार फिर तूल पकड़ता जा रहा है। विवाद का केंद्र यमुना पर बने पुल से सटा एक रास्ता और उससे जुड़े रेत खनन के कार्य हैं। शुक्रवार को इस विवाद को खत्म करने के लिए करनाल प्रशासन की ओर से यहां पिलर लगाए जा रहे थे तो यूपी के ठेकेदारों ने इसका विरोध किया। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी और शनिवार को भी पिलर लगाने का कार्य बंद रहा।
करनाल के एसडीएम प्रदीप कुमार का कहना है कि हमने अपने क्षेत्र की यमुना सीमा को चिह्नित किया है। यूपी के शामली के अधिकारियों के सामने ही निशानदेही हुई थी लेकिन उनका कहना है कि उनके उच्च अधिकारियों के सामने निशानदेही करा पिलर लगाए जाएं। अभी स्थिति पूरी तरह से सामान्य बनी हुई है।
हरियाणा के रास्ते गुजरते हैं वाहन
खनन अधिकारियों का कहना है कि यूपी के ठेकेदारों द्वारा खनन भले ही यूपी की सीमा से किया जा रहा हो लेकिन उनके वाहन हरियाणा के रास्ते से गुजरते हैं। इनकी ट्रांजिट फीस नहीं कट पाती, इस कारण विवाद होता है। शुक्रवार को हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच सीमा विवाद पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। यमुना नदी में नए पिलर लगाए जाने के प्रयास से दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच तल्खी देखने को मिली। हरियाणा की ओर से करनाल के एसडीएम प्रदीप कुमार और खनन अधिकारी विनय शर्मा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और सीमांत भूमि पर निशानदेही की प्रक्रिया शुरू की। इधर, यूपी से शामली की तहसीलदार ललिता चौधरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। विवाद के बाद कार्रवाई रोक दी गई थी। जोकि शनिवार को भी रुकी रही।