करनाल। शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि आंदोलनों से भविष्य में पार्टी को नुकसान होगा या नहीं इसकी चिंता नहीं है। हम सिर्फ यह देख रहे कि योजनाओं से आम आदमी को फायदा कहां होगा। हमारे लिए राष्ट्र पहले है और पार्टी बाद में। शिक्षा मंत्री करनाल में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक लेने पहुंचे थे। शुक्रवार को पंचायत भवन में बैठक होने पर कुछ किसानों ने नाकाबंदी के बाहर उनका विरोध भी किया। चार को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। हालांकि अन्य किसानों के विरोध के बाद और बैठक खत्म होने पर उन्हें छोड़ भी दिया गया। 15 माह बाद थ्री लेयर नाकाबंदी और कड़ी सुरक्षा के बीच हुई बैठक में मंत्री ने एजेंडे में शामिल कुल 15 मामलों में से 11 की सुनवाई की। चार फरियादी बैठक में पहुंचे ही नहीं।
बैठक के दौरान जब पत्रकारों ने पूछा कि बाहर किसान पहुंचे हैं तो वे बोले कि उनसे भी मिल लेंगे। पता नहीं वे क्यों हमारा विरोध कर रहे हैं, हम तो समस्या का समाधान करने यहां बैठे हैं। 15 में से 14 मामले किसानों के बैठक में रखे गए। बातचीत के लिए हम तैयार हैं, लेकिन किसान पहले से ही पंचायत करके अपना फैसले हमें सुनाते हैं। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट पेमेंट से किसानों को फायदा हो रहा है। आंदोलन करने वाले हमें दिखाएं इसमें कहां नुकसान है।
चौटाला की रिहाई पर अच्छा लगा
पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की रिहाई मामले पर उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले के अनुसार सजा पूरी करने के बाद वे रिहा हो रहे हैं। उनकी रिहाई पर हमें अच्छा लग रहा है, मैंने उनकी सरकार में बतौर एमएलए काम किया है। मेरे उनके साथ संबंध भी थे। इनेलो के साथ आगामी चुनावों में टक्कर के सवाल को उन्होंने हंस कर टाल दिया।
हंगामे के दौरान डीएसपी के आश्वासन पर किसान हुए शांत
-एनडीआरआई चौक पर बैठक शुरू होते ही कुछ किसान विरोध करने पहुंचे। इस दौरान चार किसान पुलिस ने हिरासत में लिए। सूचना मिलते ही अन्य किसान भी मौके पर पहुंचे और बैठक खत्म होने के बाद भी नाकाबंदी के बाहर हंगामा करते रहे। चढूनी ग्रुप के किसान मनजीत, गुरजंट आदि ने नारेबाजी की। मौके पर डीएसपी मुकेश कुमार पहुंचे। चारों किसानों को छोड़ने के आश्वासन पर वे शांत हुए। दोपहर बाद तक सभी किसानों को छोड़ दिया गया। इधर बैठक में 150 पुलिस कर्मियों की सुरक्षा में मंत्री ने 47 मिनट में 15 शिकायतें सुनी।