एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए बिजली निगम निसिंग के एसडीओ मनीष लांबा को विजिलेंस की टीम ने दोबारा कोर्ट में पेश किया। जहां से एसडीओ को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दो दिन के पुलिस रिमांड पर पुलिस आरोपी एसडीओ से रिश्वत के 3.20 लाख रुपये बरामद नहीं कर पाई है। रुपये की बरामदगी के लिए ही पुलिस ने एसडीओ का दो दिन का पुलिस रिमांड बढ़वाया था। इस मामले में जेई और ड्राइवर जेल जा चुके हैं।
बता दें वीरवार को विजिलेंस की टीम ने बिजली की लाइन बदलने के नाम पर एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए निसिंग बिजली निगम के दफ्तर से आरोपी एसडीओ मनीष लांबा, जेई पवन कुमार और निजी ड्राइवर वेद को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों ने एक व्यक्ति से खेत से गुजर रही बिजली की लाइन को बदलने के लिए साढ़े चार लाख रुपये रिश्वत के मांगे थे, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोपियों को पहले साढ़े तीन लाख रुपये दे दिए थे, लेकिन फिर भी आरोपियों ने उसकी बिजली की लाइन नहीं बदली। कारण कि आरोपी एक लाख रुपये और मांग रहे थे, जिसकी शिकायत के बाद विजिलेंस ने आरोपियों को एक लाख रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों को 17 जून को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। इस दौरान एसडीओ से 20 हजार और ड्राइवर से 30 हजार रुपये बरामद किए गए। इसके बाद जेई और ड्राइवर को 18 जून को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया और एसडीओ को दो दिन ओर पुलिस रिमांड पर लिया गया ताकि उससे रिश्वत के 3.20 लाख रुपये बरामद कर सके लेकिन वह रुपये बरामद नहीं हुए।
वर्जन
एसडीओ मनीष लांबा को दो दिन के पुलिस रिमांड के बाद कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरोपी से कोई बरामदगी नहीं हो पाई है। लाइनमैन की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
- सचिन कुमार, निरीक्षक, हरियाणा स्टेट विजिलेंस करनाल।