पैर के अंगूठे की हड्डी बाहर निकलने की समस्या गोहरू के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। युवाओं में ये समस्या अधिक है। जिन लोगों में पहले से ही अंगूठे की हड्डी बाहर निकली हुई है, उनमें वी-शेप जूते परेशानी को और गंभीर बना रहे हैं। हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि सर्जरी तक करनी पड़ती है। जिला नागरिक अस्पताल की हड्डी रोग ओपीडी में हर सप्ताह आने वाले 100 मरीजों में से करीब 10 मरीज इस समस्या के पहुंच रहे हैं।
गोखरू या हैलक्स वैल्गस में अंगूठे का आधार जोड़ से बाहर निकल आता है और अंगूठा दूसरी उंगली की ओर मुड़ जाता है। इससे एक दर्दनाक गांठ बन जाती है, जो अक्सर तंग जूतों से होती है। जिला नागरिक अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ ने बताया कि हर महीने इस समस्या से परेशान दो से तीन मरीजों का ऑपरेशन करना पड़ रहा है। ऑपरेशन के बाद दर्द और सूजन से राहत मिलती है और मरीज सामान्य रूप से चल-फिर पाता है। उन्होंने सलाह दी कि ऑपरेशन की नौबत न आए, इसके लिए चौड़े अगले हिस्से वाले आरामदायक जूते पहनें, नरम सोल का इस्तेमाल करें और लंबे समय तक खड़े रहने से बचें।
उन्होंने बताया कि वी-शेप जूतों का आगे का हिस्सा संकरा होने से पैर की उंगलियों पर लगातार दबाव पड़ता है। इसका असर सीधे अंगूठे के जोड़ पर पड़ता है और धीरे-धीरे हड्डी बाहर की ओर उभरने लगती है। शुरुआत में दर्द और सूजन हल्की होती है, लेकिन समय के साथ समस्या बढ़ती है और चलने में परेशानी होने लगती है।
गंभीर स्थिति में सर्जरी जरूरी
डॉ. सौरभ ने बताया कि समस्या को चिकित्सकीय भाषा में हैलक्स वैल्गस कहा जाता है। आमतौर पर इसे गोहरू कहते हैं। जब दवाइयों, आरामदायक जूतों और अन्य उपचारों से राहत नहीं मिलती और दर्द लगातार बना रहता है, तब ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है। ऐसे मामलों में बनियोनेक्टॉमी ऑपरेशन किया जाता है, जिसमें अंगूठे के जोड़ की गलत दिशा में बढ़ी हड्डी को ठीक किया जाता है।