रविवार का दिन घरौंडा क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए खास रहा। उनकी वर्षों से चली आ रही समस्या अब दूर हो गई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को घरौंडा में 6 करोड़ 41 लाख 26 हजार रुपये की लागत से बने रेलवे अंडरपास का लोकार्पण किया।
उन्होंने करनाल के सांसद अश्विनी चोपड़ा से इसका रिबन कटवाया। इस अंडरपास के बनने से जहां घरौंडा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों को यातायात की व्यापक सुविधा मिलेगी, वहीं घरौंडा कस्बे के लोगों को फाटक पर लगने वाले जाम से होने वाली परेशानी से भी निजात मिलेगी।
अंडरपास को लोकार्पित करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस रेलवे अंडरपास की शुरुआत होने से लोगों को काफी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाईन पार से आने वाले लोगों को ट्रेनों की आवाजाही के कारण काफी समय तक रूके रहना पड़ता था।
घरौंडा कॉलोनी के रास्ते रेलवे रोड पर न जाना पड़े, इसके लिए रेलवे स्टेशन के पास ही एक और वैकल्पिक मार्ग बनवाने के लिए जमीन देने का रेलवे से अनुरोध किया जाएगा। इसके बाद विधायक हरविन्द्र कल्याण ने लोकार्पण के उपरांत मुख्यमंत्री को उस स्थान का भी भ्रमण करवाया, जो रास्ते मलिकपुर और फुरलक की तरफ जा रहे हैं। विधायक ने मुख्यमंत्री को रेलवे की वह जगह भी दिखाई जहां से घरौंडा शहर में आने के लिए एक सुगम और खुला रास्ता बन सकेगा।
इस अवसर पर करनाल संसदीय क्षेत्र के सांसद अश्विनी चोपड़ा, मुख्यमंत्री के ओएसडी अमरेन्द्र सिंह, नीलोखेड़ी के विधायक एवं बीजेपी के जिलाध्यक्ष भगवानदास कबीरपंथी, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ राकेश मनोचा, रेखा राणा, समर सिंह कल्याण, दलबीर बसताड़ा, संजय खैंची, संजीव सैन, रविन्द्र त्यागी, सुदर्शन जुनेजा, मदनलाल इशपुनियानी व अन्य उपस्थित थे।
सब डिविजन के बारे में कमेटी करेगी फैसला
घरौंडा को सब-डिविजन बनाये जाने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है, जो कि पूरे प्रदेश में जरूरत के अनुसार उपमंडल, तहसील व जिले बनाये जाने की रिपोर्ट तैयार कर रही है, उस रिपोर्ट के आधार पर ही प्रदेश सरकार कार्यवाही करेगी।
रोकेंगे भूमि कटाव व तस्करी
अंडरपास के लोकार्पण के उपरांत प्रेस द्वारा पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यमुना नदी के साथ लगते क्षेत्र में भूमि कटाव, पशु तस्करी एवं अवैध खनन जैसी कुछ समस्याएं हैं, जिनको दूर करने के लिए अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिये गए हैं। इसके साथ ही यमुना के साथ लगते इलाकों में विशेष रूप से विकार्य कार्य कराने के निर्देश दिए।
इन गांवों को होगा फायदा
मलिकपुर, फुरलक, स्टौंडी, शेखपुरा, गगसीना, मुनक, घोघड़ीपुर, समालखा, बड़ौता, बीजना, रसीन, बुढनपुर, खोराखेड़ी, हसनपुर सहित दर्जनों गांवों व कालोनियों के लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी। आये दिन लगने वाले जामों से छुटकारा मिलेगा।