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ऑनलाइन परीक्षा देने वाले यूजी और पीजी के 2500 से अधिक परीक्षार्थियों की बनी यूएमसी

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। ऑनलाइन परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा तैयार कराए गए हाईटेक सॉफ्टवेयर की मदद से 2500 से अधिक परीक्षार्थियों की यूएमसी बनाई गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब उन परीक्षार्थियों को पूछताछ के लिए विश्वविद्यालय में बुलाया जा रहा है, जिनकी जुलाई, अगस्त और सितंबर (2021) में ऑनलाइन परीक्षा देते हुए यूएमसी बनी है। इनमें स्नातक के 1500 और स्नातकोत्तर के एक हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल हैं।
मिली जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय की ओर से निर्धारित शेड्यूल के अनुसार विभिन्न कोर्स के 70-70 परीक्षार्थियों को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। पूछताछ के लिए विश्वविद्यालय पहुंच रहे परीक्षार्थियों का कहना है कि नेटवर्क की दिक्कत के चलते ऑनलाइन परीक्षा में काफी दिक्कतें झेलनी पड़ी थी। परीक्षा देते समय चेहरा इधर-उधर हिलने पर भी यूएमसी बनाई गई है। हालांकि उन्होंने यूएमसी कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखा है। बता दें कि परीक्षा में नकल रोकने के लिए केयू प्रशासन द्वारा हाईटेक सॉफ्टवेयर तैयार कराया गया था। इस सॉफ्टवेयर की मदद से परीक्षार्थियों की ऑनलाइन रिमोट प्रॉक्टोरिंग की गई। ऑनलाइन परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों पर उक्त विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं उक्त सॉफ्टवेयर की मदद से निगरानी रखी गई थी।
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यूएमसी कमेटी पूछताछ के बाद लेगी निर्णय : डॉ. दीपक
केयू लोक संपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. दीपक राय का कहना है कि ऑनलाइन परीक्षा के दौरान जिन विद्यार्थियों की यूएमसी बनी है। परीक्षा शाखा के अंतर्गत यूएमसी कमेटी द्वारा उनकी सुनवाई की जा रही है। नियमित प्रक्रिया के जरिए यूएमसी कमेटी निर्णय लेगी।
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