पुलिस का स्टीकर लगी तेज रफ्तार बोलेरो गाड़ी की चपेट में आकर पैदल जा रहे शिव काॅलोनी निवासी भीम सिंह (70) और शिवाजी काॅलोनी निवासी जगत सिंह (44) की मौत हो गई। पश्चिमी यमुना नहर बाईपास पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पास हादसा हुआ। मृतकों के परिजन का आरोप है कि जिस गाड़ी ने हादसा किया है, वह पुलिस की गाड़ी है। डीएसपी मीना कुमारी अस्पताल पहुंचीं और परिजन को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
शिव काॅलोनी निवासी सुनील ने बताया कि उनके ताऊ भीम सिंह की कबाड़ी की दुकान है। शिवाजी काॅलोनी निवासी जगत सिंह कबाड़ी का सामान बेचने के लिए आते थे। बुधवार को वह आए। दोपहर में दोनों नहर बाईपास से पैदल ही घोघड़ीपुर की ओर जा रहे थे। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के नजदीक पीछे से आई तेज रफ्तार गाड़ी ने दोनों को चपेट में ले लिया। गाड़ी चालक ने ही दोनों को गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया। वहां डाॅक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतक जगत सिंह की पत्नी मीना ने आरोप लगाया कि जिस गाड़ी से दोनों को कुचला गया है, वह पुलिस की है। उस पर पुलिस लिखा हुआ स्टीकर भी लगा है।
रामनगर थाना प्रभारी महावीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए हादसा करने संबंधी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। परिजन ने एक सरकारी गाड़ी का नंबर दिया है, उसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पता लग पाएगा कि हादसा किस गाड़ी से हुआ है।
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जिस गाड़ी का नंबर दिया, वह डीजीपी हरियाणा के नाम पंजीकृत
मृतक के परिजन ने पुलिस को एक बोलेरो गाड़ी की फोटो दी है। उस पर पीछे लाल रंग का पुलिस का स्टीकर लगा हुआ है। गाड़ी का नंबर एचआर 05 जीवी 9412 है। यह गाड़ी डीजीपी हरियाणा के नाम से पंजीकृत है।
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हादसे की सूचना पुलिस ने दी, अस्पताल पहुंचे तो गाड़ी नहीं मिली
मृतक जगत सिंह की पत्नी मीना ने बताया कि उन्हें पुलिस ने सूचना दी थी कि हादसे में उनके पति को चोट लगी है। अस्पताल में पहुंचे तो यहां वह गाड़ी नहीं मिली जिससे हादसा हुआ था। लोगों ने उन्हें बताया कि जिस गाड़ी से दोनों को टक्कर लगी थी, उसकी फोटो ले ली है। लोगों ने ही उन्हें तस्वीर दी। मीना ने बताया कि जगत सिंह ही पूरे परिवार का पालन पोषण करते थे। उनके 3 बच्चे हैं।