करनाल। फर्जी आरसी बनाने के मामले में शनिवार को दो और नए नाम जुड़ गए है। इसके साथ ही इसके तार हरियाणा, पंजाब, जम्मू के साथ साथ अब उत्तर प्रदेश से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। इस मामले में गिरफ्तार अंबाला के नितिन शर्मा बोला कि वह मेरठ के पवन से संदीप के माध्यम से कारें लेता था। उसने ही ब्रेजा कार आतंकियों से बेची थी। वहीं पवन और संदीप के माध्यम से चोरी की गाड़ी लेकर फर्जी आरसी तैयार करके बेची जाती थी। पुलिस अब इन दोनों गाड़ियों की बरामदगी के साथ साथ पवन और संदीप की गिरफ्तारी के प्रयासों में जुट गई है।
जांच अधिकारी सुरिंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी नितिन बैंक से ऋण पर ली गई उन गाड़ियों और जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होता था। ऐसी गाड़ियों के नंबर के आगे हैज लगाकर फर्जी आरसी बनाता था। उसने ही स्कार्पियों व ब्रेजा कार को आतंकियों को बेचा था। नितिन शर्मा से जब पूछा गया तो उसने स्वयं फर्जी आरसी बनाने की बात से इनकार कर दिया। उसने कहा कि फर्जी आरसी भी मेरठ का पवन बनाता था और उसी से वह चोरी की गाड़ियां लेता था। जांच अधिकारी ने बताया कि इसके खिलाफ जब यमुनानगर में फर्जी आरसी बनाने का मामला दर्ज किया गया तो गिरफ्तारी से बचने के लिए जम्मू भाग गया था। उसने वहां भी चोरी की गाड़ियां व फर्जी आरसी बनाने का धंधा शुरू कर दिया था। एक एयरफोर्स के कर्मचारी को भी सात गाड़ियां बेच दी थी। वहां पर कर्मचारी के साथ नितिन भी पकड़ा गया था। जांच अधिकारी ने बताया कि पवन के साथ खरड़ निवासी संदीप का नाम भी सामने आया है। सूत्रों के अनुसार ये भी जानकारी सामने आ रही है कि पवन और संदीप भी पंजाब में रहकर अपना गोरखधंधा चला रहे हैं। खुफियां एजेंसियों की भी इन पर नजर बनी हुई है। सिर्फ इतना ही देशभर में बड़ी संख्या में फर्जी आरसी बनाने के मामले प्रकाश में आए थे। इंद्री में भी काफी दिनों पहले एक फर्जी आरसी बनाने का मामला प्रकाश में आया था। अब इन पुराने मामलों की फाइलें खंगाली जा रही है। नितिन शर्मा के नाम फर्जी आरसी बनाने के गिरोह के सरगना के रूप में सामने आया है।