जिले में कोरोना थमने का नाम नहीं ले रहा। वीरवार को भी कोरोना पॉजिटिव महिला और एक व्यक्ति की मौत हो गई। 85 वर्षीय महिला गांव सिंगडा की रहने वाली और 55 वर्षीय व्यक्ति रामनगर निवासी था। महिला शुगर की मरीज थी, वहीं व्यक्ति शराब पीने का आदि था। उसे खासी-बुखार भी था। इसके अलावा एसडीएम इंद्री, दो प्रोफेसर, 2 बैंक मैनेजर, बुटाना थाने के मुंशी, निसिंग थाना सहित 2 पुलिस कर्मचारी, स्टाफ नर्स, जिला कोर्ट में कार्यरत कर्मचारी, ट्रेजरी ऑफिस में कार्यरत कर्मचारी एसडीएम का होमगार्ड और एक प्राइवेट डॉक्टर सहित 122 करोना पॉजिटिव मिले।
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि जिले में अब तक कोरोना से संदिग्ध 53017 व्यक्तियों के सैंपल लिए गए जबकि इनमें से 48109 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है तथा 3310 मामले पॉजिटिव हैं, जिनमें से 43 मरीजों की मौत हो चुकी है, 1069 एक्टिव तथा 2198 मरीज ठीक होकर घर चले गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि वीरवार को 80 मरीज ठीक होकर घर गए हैं।
इन जगहों पर मिले कोरोना पॉजिटिव
रामनगर में 3, सेक्टर 9 में दो, चौड़ा बाजार में 3, न्यू हाउसिंग बोर्ड में दो, सेक्टर 6 में तीन, अंसल रेजिडेंस में दो, खोरा खेड़ी गांव में 3, सेक्टर 7 में दो, निसिंग में 2, सालवन में दो, सेक्टर 12 में दो, सेक्टर 13 में तीन, वहीं सेक्टर 4, गांव प्योंत, रेलवे रोड, सेक्टर 32, 33, पालम रेजिडेंस, नीलोखेड़ी, जलमाना, फफड़ाना, चोचड़ा, शिव कॉलोनी, बसंत बिहार, तरावड़ी, सेक्टर 14, कुंजपुरा रोड, अलीपुर, मधुबन सहित अन्य जगहों पर कोरोना पॉजिटिव पाये गए।
बुटाना थाने में तैनात एसआई शेर सिंह राणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। थाने से प्राप्त जानकारी में बताया गया है कि कुछ दिन पहले उनकी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। उन्हें अंजंथली में दाखिल किया गया, फिर उनके सीने में दर्द होने लगा तो मुलाना अस्पताल रेफर किया गया। उनकी अब हार्ट अटैक से मौत हो गई वह कुरुक्षेत्र में रहते थे।
उपायुक्त ने जिलावासियों से कहा कि वह जरूरी कार्य के लिए ही बाहर निकलें, मास्क का प्रयोग करें, सोशल डिस्टैंसिंग का ध्यान रखें और अपने आपको निरंतर सैनिटाईजिंग करते रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोरोना वायरस के बढ़ते केसों के दृष्टिगत प्रशासन सख्त है। जो व्यक्ति बिना मास्क के घर से बाहर निकलेगा, उसका 500 रूपये का चालान किया जाएगा। उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि उनके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति मिले जिसकी ट्रैवल हिस्ट्री बाहर की है वह तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दें ताकि उसके स्वास्थ्य की जांच की जा सके और लक्षण पाए जाने पर कोविड-19 का टैस्ट किया जा सके। उन्होंने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशानुसार प्रशासन ने निर्णय लिया है कि जिन लोगों में कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं पाये जाते है, उन्हें अस्पताल में रखने की बजाए नीलोखेड़ी के नजदीक स्थित गुरूकुल में स्थापित किये गए कोविड केयर सेंटर में रखा जाता है।