इस बार किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार रात को 21.2 एमएम बारिश दर्ज की गई, इससे गेहूं की फसल पर संकट गहरा गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दो दिनों तक बादल छाए रहेंगे और बूंदाबांदी के आसार हैं। वहीं, कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को चाहिए कि वे गेहूं की फसल में से पानी निकासी करें, ताकि पानी जमा न हो सके।
बता दें कि बुधवार रात से ही बारिश शुरू हो गई थी, जो अलसुबह तक जारी रही। मौसम विभाग के अनुसार, 21.2 एमएम बारिश दर्ज की गई। गुरुवार को अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम तामपान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नमी 98 प्रतिशत रही, जबकि वायु दबाव 11.8 एमएम रहा। केंद्रीय मृदा एवं लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विशेषज्ञ डा. देवेंद्र बुंदेला का कहना है कि आगामी दो दिनों तक बादल छाने और बूंदाबांदी के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ के कारण अभी बारिश व तेज हवाओं की संभावना है। उधर, लगातार बारिश के कारण गेहूं की फसल पर संकट बढ़ता जा रहा है। करनाल जिले में 1.76 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल लगाई गई है।
खेतों में जमा न होने दें पानी : डा. सिंह
इस बारे में गेहूं अनुसंधान संस्थान के निदेशक डा. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि फिलहाल गेहूं की फसल ठीक है, लेकिन और बारिश होती है तो इससे नुकसान होगा। बारिश के कारण केवल उन स्थानों पर नुकसान हुआ है, जिन फसलों में किसानों ने पहले से पानी दिया था और हवा के कारण फसल जमीन पर बिछ गई है। किसानों को चाहिए कि वे फसलों में पानी जमा न होने दें और निकासी का उचित प्रबंध करें।