संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जो लोग अपने मुकदमों का शीघ्र निपटारा चाहते हैं, वह मानक के आधार पर आवेदन कर शुक्रवार को आवेदन कर सकते हैं। जिला न्यायालय परिसर में 13 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित होगी, जिसमें लंबित और पारिवारिक मामलों सहित अन्य कई मुकदमों का निपटारा किया जाएगा। एडीआर केंद्र में अब तक 15,681 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें सबसे अधिक 10,367 मुकदमे क्रिमिनल कंपाउंडेबल मामले दर्ज हैं।
राष्ट्रीय लोक अदालत में आम नागरिक आपसी सुलह और समझाैते के आधार पर स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से लंबित मुकदमों का निपटारा करवा सकते हैं। हर वर्ष न्यायालय परिसर में चार राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाती हैं। सीजेएम डाॅ. इरम हसन ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सबसे अधिक पारिवारिक मामले सफल होते हैं जिनमें कई लोगों का घर बसना और अन्य कई कलह का समझाैता होता है।
पिछली लोक अदालत में 10 वर्षों से चले आ रहे तलाक के मामले को फिर से जोड़ दिया गया था, जिसमें पति-पत्नी तलाक चाहते थे, कई साल से मुकदमा लड़ रहे थे लेकिन कोर्ट के प्रयासों से वह फिर एक हो गए, जिससे उनके बच्चों की परवरिश भी बेहतर हो सकेगी। ऐसे कई मामले होते हैं, जो लंबे समय से चले आ रहे हैं, जिन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत से राहत मिलती है। राष्ट्रीय लोक अदालत में किसी मामले में यदि सुनवाई कर दी जाती है तो वह मुकदमा हमेशा के लिए सुलझ जाता है। इसमें कोई भी पक्ष दोबारा अपील नहीं कर सकता।
आवेदन की प्रक्रिया
1 सितंबर से न्यायालय परिसर में रोजाना हेल्प डेस्क लगाए जा रहे हैं। वहीं 13 सितंबर को भी कोर्ट के प्रवेश द्वार पर हेल्प डेस्क लगाया जाएगा। जिसमें वह हेल्प डेस्क में आवेदन भरने, प्रक्रिया समझने या जानकारी ले सकेंगे। वहीं चालान के लिए आवेदन फाॅर्म भरे जा रहे हैं। जिसमें यदि किसी व्यक्ति का चालान है तो वह पहले कोर्ट में जाकर अपने चालान के लिए आवेदन करें, जिसमें कोर्ट आवेदन प्राप्त कर चालान को मंगवा लेता है, जिसमें व्यक्ति को केवल राष्ट्रीय लोक अदालत वाले दिन पेश होना होगा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने कहा कि लोक अदालत में अपना मुकदमा लगवाने के लिए कुछ दिन पहले से ही संबंधित कोर्ट में आवेदन फाॅर्म भरकर और माैखिक रूप से भी अपना मुकदमा राष्ट्रीय लोक अदालत में लगवाना चाहिए। इससे यह लाभ होता है कि लोक अदालत वाले दिन मामला कोर्ट में दर्ज हो जाता है जिसमें पक्षों को केवल कोर्ट में पेश होना होता है। वहीं जो लोग रह जाते हैं वह अगली 13 दिसंबर को लगने वाली लोग अदालत के में अपना मुकदमा दर्ज करवा सकते हैं।
एडीआर केंद्र से नि:शुल्क सेवा
1987 अधिनियम के तहत एससी, एसटी जाति जिनकी पारिवारिक आय तीन लाख से कम हो, किसी भी वर्ग की महिलाएं हों, बुजुर्ग, बच्चों से जुड़े मामले, पुलिस कस्टडी वाले मामलों को एडीआर केंद्र की ओर से निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जाएंगी। जिन व्यक्तियों का कोर्ट में पहले से मुकदमा चल रहा है तो वह अपनी कोर्ट में जाकर जज के समक्ष अपील कर सकता है या कोर्ट में आवेदन फॅार्म भर अपना मुकदमा राष्ट्रीय लोक अदालत में लगवा सकते हैं। जिनका मुकदमा कोर्ट में नहीं चल रहा है, लेकिन वे मुकदमे का निपटारा चाहते हैं वे भी संबंधित कोर्ट में जाकर आवेदन फाॅर्म भरकर अपील लगवा सकते हैं। जिन लोगों ने आवेदन नहीं किया है, 13 सितंबर को भी अपनी अपील लगवाकर मामला निपटा सकता है। 12 सितंबर को प्री-लोक अदालत लगाई जाएगी। इनमें सभी बैंक और इंश्योंरेंस से जुड़े मामलों का निपटारा किया सकेगा। सीजेएम डाॅ. इरम हसन ने अपील करते हुए कहा कि जिन भी लोगों का बैंक या इंश्योंरेंस से संबंधित मुकदमा है वह प्री-लोक अदालत में आकर निपटारा करवा सकते हैं।