फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: आज उपवास के बाद बंद कमरे में करेंगे भोजन

विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन


करनाल। छठ पर्व के दूसरे दिन रविवार को खरना होगा। इस दिन व्रतधारी दिनभर उपवास रखने के बाद शाम को भोजन करते हैं। इसे खरना कहा जाता है। इस दिन भी घरों में शुद्धता का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है। व्रतधारी बंद कमरे में बैठकर भोजन करते हैं। प्रसाद के रूप में गन्ने के रस में बने हुए चावल की खीर के साथ दूध, चावल का पिट्ठा और घी की चुपड़ी रोटी ग्रहण की जाती है। इस भोजन में नमक या चीनी का उपयोग नहीं किया जाता है।

खरना का प्रसाद मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से साठी-चावल दूध और गुड़ से तैयार किया जाएगा। प्रसाद को सूर्य देव को भोग लगाकर ग्रहण किया जाएगा। इसके बाद रविवार को पूरा दिन व रात अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे। इसके अगले दिन की सुबह से लेकर दिन भर अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे और सांयकालीन अस्त होते सूर्य को तालाब या नदी में अर्घ्य देंगे। अर्घ्य में प्रसाद के रूप में ठेंकूवा, ईख, गुना, मौसमी फल, सीताफल, मूली, हल्दी, अदरक, सोने-चांदी, पीतल एवं बांस के छाज-सूप आदि में रखकर अर्घ्य देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


समिति के अनुसार, छठ पूजा की शुरुआत तब हुई थी, जब भगवान राम और माता सीता वनवास से अयोध्या लौटे थे। उनके सम्मान में लोगों ने उपवास रखा और सूर्य देव की पूजा की तभी से इस पर्व की परंपरा चली आ रही है। भारत के प्राचीन त्योहारों में से एक त्योहार श्री सूर्य षष्ठी है, जिसे छठ महापर्व भी कहा जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व सूर्य देव और उनकी बहन छठी मैया को समर्पित है। छठ पूजा के इन चार दिनों तक व्रत से जुड़े कई नियमों का पालन किया जाता है। नहाय-खाय के दिन व्रती सात्विक आहार ग्रहण कर खुद को पावन और पवित्र छठ पूजा के लिए तैयार करते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें