संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इस मौसम में गले के संक्रमण की समस्या बढ़ रही है। इसमें गले का जाम हो जाना, 104 डिग्री तक बुखार, खांसी और बलगम जमने की दिक्कतें आ रही हैं।
जिला नागरिक अस्पताल से ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जयवर्धन ने बताया कि मौसम परिवर्तन के कारण पिछले साल के मुकाबले 15 से 20 प्रतिशत अधिक मरीज उनकी ओपीडी में पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि रोजाना ओपीडी में आए 125 मरीजों में से 50 प्रतिशत मौसम संबंधी बीमारी से ग्रस्त पहुंच रहे हैं।
डॉ. जयवर्धन ने बताया कि जिस प्रकार कोरोना महामारी के समय लोगों ने रोग प्रतिरोधक क्षमता का खास ध्यान रखा था, उस तरह से लोग अब ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस कारण बदलते पर्यावरण और वायु प्रदूषण की वजह से हवा में मौजूद धूल के कण और वायरस लोगों की सांस नली और गले में जलन पैदा कर रहे हैं, जिससे गले का संक्रमण बढ़ रहा है। इनमें सबसे अधिक बच्चे और युवा शामिल हैं, जो दिनभर किसी न किसी कारण बाहर रहते हैं या साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते।
इसके अलावा, लंबे समय तक रखे हुए खाने या फल व सब्जियों को बिना धोए खाने से और युवाओं के अधिक जंक फूड के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है जिससे युवा गले के संक्रमण की चपेट में तेजी से आ रहे हैं।
क्या है गले का संक्रमण ःडॉ. जयवर्धन बताते हैं कि यह संक्रमण मुख्य रूप से वायरल होता है, जो गले में सूजन और जलन पैदा करता है। इनमें गले में खराश, सूखापन, निगलने में तकलीफ, आवाज बैठना और लगातार खांसी जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं।
कई मरीजों में नाक बहने, सिरदर्द और कमजोरी की शिकायत भी मिल रही है। कुछ मामलों में सांस लेने में दिक्कत और सीने में जकड़न की समस्या भी सामने आ रही है।
लंबे समय तक गले में बलगम जमा रहने से साइनस इंफेक्शन, ब्रोंकाइटिस और निमोनिया जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से कमजोर है, जैसे बुजुर्ग, बच्चे और अस्थमा या एलर्जी से पीड़ित लोगों के लिए यह संक्रमण अधिक खतरनाक हो सकता है।
बचाव के उपाय ःस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण से बचने के लिए बहुत ठंडा और बहुत गर्म खाना एक साथ न खाएं, क्योंकि इससे गले में जलन बढ़ सकती है।
कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम और फ्रिज का ठंडा पानी पीने से बचें। बाहर निकलने पर मास्क पहनना बेहद जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जो धूल और प्रदूषण वाले माहौल में रहते हैं या यात्रा करते हैं।
स्ट्रीट फूड और मसालेदार भोजन से बचने की भी जरूरत है, क्योंकि अधिक तेल-मसाले वाले खाने से गले में सूजन बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि अगर पांच से सात दिनों तक आराम न मिले, बुखार 104 डिग्री से अधिक हो जाए, बलगम का रंग पीला या हरा हो, सांस लेने में तकलीफ हो या लगातार खांसी बनी रहे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।