जिलेभर में विभिन्न स्थानाें पर तीन लोगों की आकस्मिक मौत के गम ने जहां उनके परिजनों को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया, वहीं, तीनों के परिजनाें ने मृतकों के नेत्रदान करवाकर दूसरों को दुनिया देखने के लिए रोशनी देने का काम किया है।
तीनाें परिवारों के लोगों की इस सकारात्मक सोच की जिलेभर में सराहना हो रही है। इंद्री के गांव मुरादगढ़ की रहने वाली 55 वर्षीय सुलोचना देवी ने पुत्र की मौत के बाद सदमे के चलते बुधवार को दम तोड़ दिया। राम नगर में रहने वाला 33 वर्षीय संजीव कुमार टैक्सी चालक था। संजीव ने भी बुधवार को गलती से कोई जहरीली वस्तु निगली ली, परिजनों उसे लेकर शहर के निजी अस्पताल में गए लेकिन बुधवार देर रात उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, इसके बाद गमगीन परिजनों ने नेत्रदान करने का फैसला लिया।
अवतार कॉलोनी में रहने वाला 22 वर्षीय छात्र रोहित बुधवार रात को अपने कमरे में सोया था लेकिन वीरवार सुबह परिजनों के होश उस समय उड़ गए जब उनका बेटा कमरे में मृत मिला। तीनों मामलों में पुलिस ने इत्तफाकिया घटना की कार्रवाई की है।
ग्रामीण महिला सुलोचना के परिजनों ने समाज के प्रति अपनी सकारात्मक सोच का परिचय देते हुए नेत्रदान करने का आग्रह किया। उधर, पोस्टमार्टम हाउस पर विलाप कर रहे राम नगर के संजीव और अवतार कॉलोनी के रोहित के परिजनों ने भी अच्छी सोच का परिचय दिया। दोनों लोगों के परिजनों ने स्वयं को ढांढस बंधाते हुए गहन विचार किया।
लोगों ने भी मौके पर ही किसी की बंद आंखों को रोशनी देने के लिए नेत्रदान करने का आग्रह किया। मौके पर पहुंची माधव नेत्र बैंक की टीम ने तीनों का पंजीकरण किया।