राशन वितरण में अनियमितता के कारण खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने तीन डिपो के लाइसेंस रद कर दिये हैं। लाकडाउन के दौरान राशन वितरण में उक्त डिपो में गड़बड़ी उजागर हुई थी। विभाग की टीम ने जांच के बाद असंध डिपो होल्डर एसोसिएशन के प्रधान रामकुमार जयसिंहपुर, लालैन के जगदीश चंद्र और सालवन के मोहित पुंडीर के डिपो रद कर दिए हैं।
गांव जयसिंहपुर के डिपो होल्डर और असंध डिपो होल्डर एसोसिएशन के प्रधान रामकुमार द्वारा लॉकडाउन के दौरान मृतकों का राशन निकालकर बेचा गया था। 15 जून के अंक अमर उजाला ने जयसिंहपुर के डिपो होल्डर रामकुमार द्वारा मृतकों का राशन खाने के समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामला सामने आने के बाद विभाग की ओर से पहले डिपो की सप्लाई सस्पेंड कर दी गयी थी। साथ ही जांच की जा रही थी। आरोप सही पाये जाने और आरोपी डिपो होल्डर की ओर से कोई प्रमाण नहीं दे पाने के कारण अब विभाग ने लाइसेंस रद कर दिये हैं।
वहीं गांव सालवन के डिपो होल्डर मोहित पुंडीर के डिपो की जांच जब विभाग द्वारा की गई तो डिपो पर स्टॉक कम पाया गया, जिस पर विभाग ने डिपो को रद किया है। वहीं गांव लालैन के डिपो होल्डर जगदीश चंद्र की कम राशन देने की शिकायत विभाग को मिली थी। इसके बाद विभाग की टीम ने जांच की तो पता लगा कि कम राशन देने के साथ डिपो होल्डर जगदीश ने बाजरा 2 रुपये से लेकर 8 रुपये प्रति किलो तक बेचा है। आरोप है कि डिपो होल्डर जगदीश चंद्र की ओर से कम राशन देने के साथ ही अभद्र व्यवहार भी किया जाता था।
गांव जयसिंहपुर के डिपो होल्डर रामकुमार की ओर से लॉकडाउन के दौरान मृतकों का राशन निकालने का मामला सामने आया था। वहीं लालैन के डिपो होल्डर जगदीश पर बाजरा दो रुपये से लेकर 8 रुपये प्रति किलो बेचने तथा कम राशन देने के आरोप हैं। वहीं सालवन के डिपो होल्डर मोहित पुंडीर का स्टॉक कम पाया गया था, जिसके चलते तीनों के डिपो रद कर दिए गए हैं।
-निशांत राठी, डीएफएससी, करनाल