संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। गांवों में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के ट्यूबवेल से होने वाली जलापूर्ति की समय सारिणी में बदलाव किया जाएगा।
इस सुधार से जहां पानी की खपत कम होगी, वहीं अतिरिक्त जल के दोहन की समस्या खत्म की जा सकेगी। गांवों में जिन नलों पर टोंटी नहीं है, इसको लगवाने की जिम्मेदारी भी ट्यूबवेल ऑपरेटर की रहेगी।
जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों में कार्यरत ट्यूबवेल ऑपरेटरों को आईटीआई में दूसरे बैच को आरपीएल (रिकॉग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग) पहले की सीख की मान्यता पर आधारित प्रशिक्षण दिया गया।
यह आयोजन उनके कार्य क्षमता में सुधार करने तथा कुशलता में बढ़ोतरी के लिए किया जा रहा है। जल जीवन मिशन की जिला सलाहकार नेहा शर्मा ने बताया कि ऑपरेटरों के हुनर को विकसित करने, उन्हें हर समस्या व खराबी की स्थिति में निपटने व ट्यूबवेल के रखरखाव संबंधित सभी ज्ञान इस प्रशिक्षण शिविर में दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को लेकर ऑपरेटरों को जरूरी निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पांच दिन तक 50 ग्रामीण ट्यूबवेल ऑपरेटरों का समूह सुबह 10 से शाम चार बजे तक प्रशिक्षण लेगा प्रशिक्षण के अंतिम दिन सभी ट्यूबवेल ऑपरेटरों को एक्सपोजर विजिट भी करवाई जाएगी। मौके पर जल जीवन मिशन के खंड संसाधन समन्वयक, ट्यूबवेल ऑपरेटर, वीडब्ल्यूएससी (विलेज वॉटर सेनिटेशन कमेटी), यूनिवर्सिटी के प्रशिक्षक आनंद शर्मा मौजूद रहे।