करनाल। पांच साल पहले महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते पिंक बस सुविधा शुरू की गई थी। काॅलेज जाने वाली युवतियों और कामकाजी महिलाओं के लिए यह विशेष सेवा शाम को बंद हो जाती है। कामकाजी महिलाओं के लिए सुबह जाने का साधन तो है लेकिन शाम को ऑफिस से आने के लिए उन्हें परेशान होना पड़ता है। महिलाओं का कहना है कि शाम और रात को जब सुरक्षा की व्यवस्था की अधिक जरूरत होती है तब विशेष सेवा उपलब्ध ही नहीं है।
सुबह के समय तो नाै रूटों पर महिलाओं के लिए विशेष बसें चलाई रही हैं। इसका प्रभाव भी है। कॉलेज जाने वाली युवतियां और कामकाजी महिलाएं पिंक बस का इंतजार करती हैं और उसमें ही जाना पसंद करती हैं। दोपहर के समय इन बसों में महिलाओं की संख्या कम होती है। शाम को जब ऑफिस बंद होते हैं और कामकाजी महिलाओं को घर लौटना होता है तब तक पिंक बस सेवा बंद कर दी जाती है। महिलाओं का कहना है कि रात के समय सफर नहीं कर पाते हैं। घर लौटने के लिए दूसरी बसों में जाना पड़ता है जिसमें परेशानी होती है।
नाै रूट पर चल रहीं विशेष बस
वुडनपुर, इंद्री, नगला शाहपुर, घराैंडा, स्टाैंडी, पुंडरक, मंजुरा, मुगल माजरा और बल्ला में महिलाओं के लिए बसें चलाई जा रही हैं। बसों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक है। बसें हर रूट पर चार चक्कर लगाती हैं।
सवारियों की संख्या रहती है कमशहर में सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक नाै रूटों पर महिलाओं के लिए विशेष बस चलाई जा रही हैं। पिंक बसों की शुरुआत पांच साल पहले 2020 में की गई थी। समें केवल महिलाएं ही सफर कर सकती थीं। लेकिन सवारियों की संख्या अधिक होने के कारण इन बसों को सामान्य बसों की तरह करना पड़ा।- कुलदीप सिंह, जीएम, हरियाणा रोडवेज
रात के समय घर जाने में लगता है डर
साक्षी ने बताया कि वह कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी करती है। शाम 6 बजे कार्यालय से छुट्टी होती है। शाम के समय एक भी विशेष बस की कोई सुविधा नहीं होने से उन्हें परेशानी होती है। रात में डर लगता है। यदि शाम व रात के समय महिलाओं के लिए बस की सुविधा दी जाएगी तो कामकाजी महिलाएं निडर होकर अपने घर जा सकेंगी।
शाम के समय सबसे अधिक जरूरत
नेहा ने बताया कि वह कपड़ों के शोरूम में काम करती है। घर दूर होने के कारण बस सुविधा का प्रयोग करना पड़ता है। रात के समय, जब सबसे अधिक जरूरत होती है सुरक्षा की उस समय ही महिलाओं के लिए कोई सुविधा नहीं हैं। शाम व रात के समय पिंक बस की सुविधा दी जरूर दी जाए। चाहे उसमें महिला सवारी कम ही क्यूं न हों।
पिंक बस से रहेगा महिलाओं को आराम
नव्या ने बताया कि उनकी कार्यालय से छुट्टी शाम 7 बजे होती है। कई बार घर जाने के लिए बसों के लिए बहुत देर तक इंतजार करना पड़ता है। यदि महिलाओं के लिए विशेष बस होंगी तो इससे अवश्य कुछ हद तक आराम मिलेगा। बिना डर के रात के समय सफर किया जा सकेगा। शाम के समय पिंक बसें चलाई जानी चाहिए।