संवाद न्यूज एजेंसी
काछवा। जिले के काछवा गांव में स्वास्थ्य सेवाओं और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में 24 घंटे उपचार की सुविधा नहीं है। शाम होते ही सन्नाटा पसर जाता है।
अगर देर शाम किसी महिला को परेशानी हो जाए या कोई बीमार पड़ जाए तो करनाल जाना पड़ता है। पीएचसी में केवल दंत चिकित्सक, आयुर्वेदिक चिकित्सक और एक क्लर्क तैनात है। गंभीर मरीजों, विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज और सिविल अस्पताल में रेफर किया जाता है। गांव के बस स्टॉप से करीब 200 मीटर आगे स्थित पीएचसी तक पहुंचना भी आसान नहीं है। बस स्टॉप पर छांव की व्यवस्था नहीं है। सार्वजनिक शौचालय नहीं है।