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बीए पास युवक चला रहा था नशा मुक्ति केंद्र

Fri, 27 May 2016 11:47 PM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
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करनाल जिले के घरौंडा जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मधुबन के बंद पड़े पुराने थाने के पास करीब छह माह से अवैध रूप से चलाए जा रहे नशा मुक्ति केंद्र पर छापा मारा और केंद्र को बंद कर दिया है। केंद्र के मरीजों को सिविल अस्पताल में भर्ती करवा दिया है। पुलिस ने केंद्र के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि करीब छह माह से मधुबन में बंद पड़े पुराना थाना के पास सहारा नाम से नशा मुक्ति केंद्र चलाया जा रहा है। जिस पर जिला सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा, डीएसपी राजेश लुहान ने पुलिस बल के साथ छापा मारा। छानबीन के दौरान सामने आया कि अवैध तरीके से पिछले करीब छह माह से एक बी.ए. पास युवक नशा मुक्ति केंद्र चला रहा था। केंद्र में न तो कोई डॉक्टर था और न ही कोई मनोवैज्ञानिक और बहुत ही बेढंगे तरीके से मरीजों को केंद्र में रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने केंद्र में मौजूद 20/25 मरीजों को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया और केंद्र के मालिक रोहित मल्हौत्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

जिला सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा ने बताया कि मधुबन में पुराना थाना के पास अवैध तरीके से नशा मुक्ति केंद्र चलाया जा रहा था। इस केंद्र पर गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा गया। जिसमें कई चौंकाने वाली बात सामने आई। इस केंद्र को बी.ए. पास युवक चला रहा था, जो कभी स्वयं नशे का आदी हुआ करता था। इस केंद्र में न तो कोई डॉक्टर है और न ही कोई मनोवैज्ञानिक। इसके साथ ही इलाज के नाम पर मरीजों से 5 से 15 हजार रुपये तक ऐंठे जाते थे।
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नशा मुक्ति केंद्र का यह गोरखधंधा पिछले करीब छह माह से चलाया जा रहा था। केंद्र के मालिक रोहित मल्हौत्रा की शिकायत मधुबन थाना में कर दी है। डीएसपी राजेश लुहान ने बताया कि मधुबन के पास नशा मुक्ति केंद्र पर सूचना के आधार पर छापा मारा था। केंद्र को अवैध तरीके से चलाया जा रहा था। केंद्र के मालिक रोहित मल्होत्रा के खिलाफ शिकायत मिली है। जांच जारी है।
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