संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र कायम रहने से मानसूनी हवाएं फिर सक्रिय होने पर जिले में बुधवार को बूंदाबांदी शुरू हो गई। जिससे सुबह से दोपहर तक अधिकतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस गिर गया और मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 26 सितंबर तक आंशिक बादल, बूंदाबांदी, गरज-चमक या हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। इधर बार-बार मौसम खराब होने के कारण धान की पकी व अधपकी फसलों को नुकसान हो रहा है। धान की कटाई का काम रुक गया है। जिन खेतों में परागण प्रक्रिया चल रही है उनमें फूल झड़ने से बालियों में दाने खोखले हो जाते हैं।
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री व न्यूनतम 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी सुबह 93 व दोपहर को 97 प्रतिशत, वाष्प दाब 23.5 एमएम रहा। हवा की औसत गति सुबह 1.81 व दोपहर को 0.51 किलोमीटर प्रति घंटा रही। 7.4 एमएम बारिश दर्ज की गई है। पिछले साल 22 सितंबर को अधिकतम तापमान 35.5 व न्यूनतम 26.0 डिग्री सेल्सियस था।
इस वर्ष अब तक जिले में हुई बारिश
माह वर्षा एमएम में
जनवरी 36.4
फरवरी 23.8
मार्च 4.0
अप्रैल 2.8
मई 37.8
जून 89.3
जुलाई 668.1
अगस्त 146.1
सितंबर 114.2
कुल 1122.1
2020 में सूखा बीता था सितंबर
जिले में सितंबर में 2019 में 13.40 एमएम बारिश हुई, जबकि 2020 में एक बूंद भी नहीं पड़ी थी। वहीं 2017 में 226.20 एमएम तथा 2018 में 310.50 एमएम बारिश हुई थी।
खोखले होने लगी धान की बालियां
बार-बार मौसम खराब होने के कारण धान की पकी व अधपकी फसलों को नुकसान हो रहा है। धान की कटाई का काम रुक गया है। जिन खेतों में परागण प्रक्रिया चल रही है उनमें फूल झड़ने से फर्क पड़ेगा, क्योंकि फूल झड़ने से बालियों में दाने खोखले हो जाते हैं। बारिश जारी रही तो नमी ज्यादा होगी और बालियों में दाने काले पड़ने तथा उनमें जमाव की भी संभावना बनेगी।
सब्जियों की बिजाई में होगी देरी
कृषि विभाग के पूर्व तकनीकी अधिकारी डा. एसपी तोमर ने बताया कि सरदकालीन सब्जियों की अगेती बिजाई प्रभावित होगी। खेतों में नमी बढ़ने से समय पर बिजाई नहीं हो सकेगी। 15 से 20 सितंबर तक गाजर, मूली, पालक, मेथी, शलगम, टमाटर, गोभी व अगेती मटर की बिजाई की जाती है। लेकिन लगातार बारिश के कारण खेत तैयार न होने पर बिजाई में देरी हुई है। जिसका असर आवक पर पड़ेगा। वहीं जिन खेतों में गाजर व मूली की फसल में जमाव हो गया है उनमें इस बारिश से फायदा होगा।