माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/घरौंडा। अनाज मंडियों में अब पैर रखने की जगह तक नहीं बची है। अनाज मंडियों के अंदर से बाहर तक जाम की स्थिति है। घरौंडा अनाज मंडी में मंगलवार को खरीद बंद रही लेकिन बुधवार को तौल के लिए मंगलवार दोपहर बाद से ही किसान ट्रैक्टर ट्राॅली लेकर कतार में खड़े हो गए। पूरी रात खुले आसमान के नीचे बिताई। बुधवार को करनाल अनाज मंडी की आढ़ती एसोसिशन ने भी खरीद बंद रखने का एलान किया है।
मंगलवार को छह लाख 39 हजार 120 क्विंटल धान की खरीद की गई। अब तक कुल खरीद 58 लाख 23 हजार 220 क्विंटल तक पहुंच गई है। उठान 35 लाख 86 हजार 250 क्विंटल का ही किया गया है, जो 62 प्रतिशत है। करनाल नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरिंद्र त्यागी ने किसानों का आह्वान किया कि वह बुधवार को धान लेकर न आएं, उठान के लिए मंडी में खरीद को बंद रखा जाएगा।
इधर, घरौंडा नई अनाज मंडी में मंगलवार को धान की खरीद बंद रही, धान की लिफ्टिंग का कार्य सुचारू रूप से चलता रहा। खरीद बंद होने की जानकारी होने के बावजूद किसान धान की ट्रैक्टर ट्राॅलियां लेकर मंडी में पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। मंगलवार की रात को कई चौराहों पर किसानों की धान की ट्रालियां खड़ी है। जिससे उन्हें पूरी रात अपने धान के साथ आसमान के नीचे गुजरनी होगी।
नई अनाज मंडी में धान की आवक ज्यादा होने के कारण मंडी बिल्कुल जाम हो गई है जिससे मंडी एसोसिएशन ने मंगलवार को मंडी बंद रखने का ऐलान कर दिया था। मंगलवार को कोई गेट पास नहीं कटा, लेकिन किसानो से सुबह से धान लेकर आने शुरू हो गए थे। रात तक विश्वकर्मा चौंक, मंडी के सामने के दोनों गेटों के सामने धान की भरी ट्रैक्टर ट्रालियां की लंबी लाइन लग गई थी। किसानो का कहना है कि रात को धान लेकर आना मजबूरी है, क्योंकि धान पककर तैयार है।
मार्केट कमेटी सचिव चंद्रप्रकाश ने बताया कि मंडी में अभी तक लगभग 65 प्रतिशत धान की बोरियो का उठान हो चुका है। जो किसान धान लेकर आ गए हैं तो अलसुबह गेट कटने शुरू हो जाएंगे।
हरियाणा सरकार के अधिकारियों और व्यापारियों की मिलीभगत से करनाल के किसानों को चूना लगाया जा रहा है। आसपास के राज्यों से सस्ते दामों में धान खरीद कर फर्जी गेट पास के जरिए करनाल की मंडियों में पहुंचाया जा रहा है। बाद में यही धान एमएसपी पर खरीदी दिखाकर सरकार को गुमराह किया जाएगा। किसान नेता अब मंडियों का दौरा करेंगे। नमी का बहाना बनाकर 400 से 500 रुपए प्रति क्विंटल कम दाम दिए जा रहे हैं। इसे रोका जाएगा। -बहादुर मैहला, प्रवक्ता, भाकियू सर छोटूराम करनाल
- करनाल अनाज मंडी सहित जिले की कई अनाज मंडियां फुल है, धान का उठान काफी धीमा हो रहा है। जो ट्रांसपोर्ट लगाया गया है, वह पर्याप्त नहीं है, इन दिनों धान का सीजन पीक पर है, जिला प्रशासन को उठान की व्यवस्था तेज करानी चाहिए। आढ़तियों को ट्रक नहीं मिल पा रहे हैं। जिससे मंडी में धान बढ़ता जा रहा है। - रजनीश चौधरी, जिला प्रधान नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन