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Karnal News: 63 लाख के गेहूं के गबन में बढ़ा जांच का दायरा, अन्य पर भी हो सकती है कार्रवाई

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करनाल। गेहूं स्टॉक के कुंजपुरा केंद्र पर 68 लाख रुपये से ज्यादा के गेहूं स्टॉक में हेराफेरी के आरोपी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक को अशोक शर्मा को अदालत ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। इस मामले में प्रथमदृष्टया जांच में दोषी मिले खाद्य आपूर्ति निरीक्षक पर तो कार्रवाई हो गई लेकिन मामला अभी भी सवालों के घेरे में है, क्या अकेले ही पूर्ति निरीक्षक ने इतने बड़े घोटाले को अंजाम दे दिया? फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ाने की बात कही है, जिसमें कई अन्य विभागीय अधिकारी कर्मचारी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
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कुंजपुरा थाना पुलिस की ओर से आरोपी खाद्य आपूर्ति निरीक्षक अशोक शर्मा को बुधवार को दोपहर बाद अदालत में पेश किया था। रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ की जाएगी कि इस गड़बड़ी में कौन-कौन लोग शामिल है और कैसे इसे अंजाम दिया। आरोपी निरीक्षक को पुलिस ने मंगलवार को शाहबाद से गिरफ्तार किया था। आरोपी पर विभाग को लाखों का चूना लगाने और सरकारी स्टॉक को कम वजन के बैगों के जरिये बाजार में बेचने का आरोप है।



कुंजपुरा थाना के प्रभारी विक्रांत ने बताया कि गबन का मामला सामने आने पर कुंजपुरा थाना पुलिस ने छह सितंबर को आरोपी निरीक्षक के खिलाफ केस दर्ज किया था। तब से आरोपी घर से भाग हुआ था। मामले का खुलासा खराजपुर गांव के विकास शर्मा की शिकायत पर हुआ, जिन्होंने सीधे उपायुक्त, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री हरियाणा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक करनाल और महानिदेशक फूड एंड सप्लाई चंडीगढ़ को पत्र लिखा। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने छापा मारा तो धोखाधड़ी का पूरा खेल सामने आया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी निरीक्षक विदेश भागने की फिराक में था।
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इधर, सवाल ये भी उठ रहे हैं कि 2427 क्विंटल गेहूं को गेहूं भरे कट्टों से निकालने में काफी समय भी लगा होगा। एक दिन में इतने कट्टों से गेहूं न तो निकाला जा सकता है। यहां गोदाम की निगरानी के लिए जो स्टाफ नियुक्त है, उसकी क्या जिम्मेदारी है। इसके साथ ही स्टाक सत्यापन की जिम्मेदारी भी अन्य अधिकारियों पर होती है, उन्होंने कट्टों को समय पर सत्यापित क्यों नहीं किया। डीएसपी ने इस मामले में इन सवालों को शामिल करते हुए पुलिस जांच का दायरा बढ़ने की बात कही है। कुल मिलाकर इस मामले में खाद्य आपूर्ति निरीक्षक के साथ विभाग के कुछ अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी फंस सकते हैं।



अप्रैल और मई के स्टॉक में की गड़बड़ी



अप्रैल और मई 2025 में खरीदे गए गेहूं के स्टॉक कुंजपुरा केंद्र पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक अशोक शर्मा ने यहां रखे बैगों के वजन में गड़बड़ी करते हुए विभाग को 68 लाख 61 हजार 358 रुपये की चपत लगाई थी। निरीक्षक ने 50 किलोग्राम के बैगों की जगह 20 से 25 किलोग्राम के बैग भरकर स्टॉक दिखाया। वहीं, शेष गेहूं को मार्केट में बेचकर मुनाफा कमा लिया। अप्रैल में गेहूं स्टॉक किया गया और 10 जून तक 68 लाख रुपये से अधिक की कीमत का करीब 2427 क्विंटल गेहूं मार्केट में बेच दिया गया। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब बैगों का वजन कम होने की शिकायत विभाग को मिली।
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