संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शादी का सीजन आते ही बैंक्वेट हॉल की बुकिंग बढ़ गई है। इस बार ट्रेंड बदला हुआ है। परिवार दिन में शादी को प्राथमिकता दे रहे हैं। दिन के मुहूर्त की मांग बढ़ गई है। बैंक्वेट हॉल संचालकों का कहना है कि पिछले दो वर्षों में दिन की शादियों की बुकिंग में करीब 30 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। इसका कारण सिर्फ शुभ मुहूर्त ही नहीं बल्कि खर्च में भारी कमी, सुविधाओं की उपलब्धता और समय की बचत है।
शहर के अधिकांश बैंक्वेट हॉल दिन के समय के लिए बुक हो चुके हैं। आर्थिक रूप से सामान्य परिवार अधिकतर दिन की शादी को प्राथमिकता दे रहे हैं। एक और बात जो दिन में शादी का बढ़ावा दे रही है कि फोटो शूट रात से दिन में अधिक अच्छी आती है।
बैंक्वेट उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि रात की तुलना में दिन का कार्यक्रम आसानी से मैनेज हो जाता है। लाइटिंग खर्च कम हो जाता है, सजावट में कम फैन्सी सेटअप लगता है, स्टाफ की शिफ्टिंग आसान रहती है और मेहमानों का आने-जाने का समय भी व्यवस्थित रहता है। सुरक्षा की दृष्टि से भी दिन का समय ज्यादा ठीक माना जा रहा है। रात देर तक चलने वाले कार्यक्रमों में पार्किंग, सुरक्षा की समस्या अधिक रहती है।
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दिन में शादी से होती है 8 लाख रुपये की बचत
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नूरमहल में शादियों की बुकिंग का प्रबंधन करने वाले सचिन ने बताया कि दिन और रात की शादी के बजट पर काफी अंतर होता है। दूल्हा-दुल्हन फोटोग्राफी व वीडियो शूट के लिए दिन में शादी करना पसंद करने लगे हैं। रात की शादी में लाइटिंग का खर्चा और रिश्तेदारों के रुकने का खर्च कम हो जाता है। दिन की शादी में आठ लाख रुपये तक कम खर्च होते हैं। यदि सामान्य बजट की शादी है तो भी एक से दो लाख रुपये का अंतर रहता है।
- दिन में शादी का मुहूर्त की मांग बढ़ी
-पंडित अजीत शास्त्री ने बताया कि मुहूर्त दिन और रात दोनों के ही बराबर निकल रहे हैं। हालांकि विगत दिनों में देखा गया है कि लोग शादी के लिए दिन का मुहूर्त निकलवा रहे हैं। दिन की शादी में कामकाजी लोग अगले दिन अपने कार्य पर जा सकते हैं। खर्च में भी कमी होती है। मान्यता है कि भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का विवाह भी दिन में हुआ था।