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नारी की दयनीय स्थिति विनाशकारी : प्रवीणा

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माई सिटी रिपोर्टर
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कुंजपुरा। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से रामलीला मैदान में पांच दिवसीय श्रीराम कथामृत का आयोजन किया जा रहा है। तीसरे दिन शनिवार को केवट प्रसंग सुनाया गया। गुरु आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी प्रवीणा भारती ने प्रसंग भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा श्री राम केवट से गंगा पार करने के लिए नौका की मांग करते हैं। यह घटना निष्कामता का प्रतीक है। जब एक भक्त के भीतर निष्काम भक्ति जन्म लेती है तब उसे ईश्वर से नहीं मांगना पड़ता बल्कि भगवान स्वयं उसके द्वार पर मांगने के लिए आ जाते हैं। केवट बार-बार कहते हैं प्रभु मैं आपके भेद को जानता हूँ। यह दावा वही कर सकता है जिसने ब्रह्मज्ञान के माध्यम से प्रभु को अपने घट में देखा है।
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उन्होंने कहा कि श्री राम अपने जीवन चरित्र से हमें नारी का सम्मान करना सिखाते हैं। वास्तव में यह हमारे भारत की संस्कृति रही है। नारी हर राष्ट्र का केंद्र बिंदु है। किसी राष्ट्र की समृद्धि देखनी है तो वहां की नारी की स्थिती देखने से पता चलता है, किंतु दुख इस बात का है कि आज भारत देश की नारी की दशा दिन प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है, जो हमारे राष्ट्र के लिए विनाशक सिद्ध होगा।
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हमें जरूरत है कि नारी की गरिमा को पहचाने। कन्या भ्रूण हत्या, नारी शोषण, दहेज प्रथा आदि कुरीतियों को अपने देश से उखाड़ फेंके। तभी एक सफल राष्ट्र की संरचना हो सकती है। इतिहास में देखे हर सफल मानव के पीछे एक औरत का हाथ है। मां सीता ने भी प्रभु का हर मोड़ पर साथ दिया। आज हमारे समाज को भी मां सीता जैसी आध्यात्मिक नारियों की जरूरत है ताकि हमारा राष्ट्र समृद्ध बन सके। कथा को विराम प्रभु की पावन आरती से दिया गया।
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