करनाल। गैस संकट से जूझ रहे प्रवासियों के लिए सरकार की पांच किलो गैस सिलिंडर देने की योजना कागजों से बाहर नहीं आ पाई है। जिले में एक भी पांच किलो का सिलिंडर पहुंचा नहीं है। प्रवासी मजदूरों को ही नहीं अधिकारियों को भी इस योजना की पूरी जानकारी नहीं है। हजारों प्रवासियों को 65 रुपये किलो वाली गैस ब्लैक में 300 रुपये में खरीदनी पड़ रही है।
14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलिंडर की कीमत करीब 920 रुपये है। जो कनेक्शन, दस्तावेजी प्रक्रिया ओर बजट की वजह से प्रवासी मजदूरों की पहुंच से बाहर है। ऐसे में वे छोटे-छोटे सिलिंडरों में ही 300 रुपये किलो तक गैस खरीदकर अपना गुजारा कर रहे हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जिलेभर का सर्वे कर आंकड़ा जुटाया है। इसमें अब तक 15 हजार से ज्यादा की ऐसी आबादी मिली है जो छोटा सिलिंडर इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें ईंट-भट्टों, फैक्टरियों और दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोग शामिल हैं।
शहर में सबसे ज्यादा प्रवासी सेक्टर 32-33, सेक्टर-3, मंगल कॉलोनी, रामदेव कॉलोनी, शिव कॉलोनी, अर्जुन गेट, वसंत विहार, गांधी नगर में रहते हैं। कुछ लिबर्टी, घरौंडा, तरावड़ी और निसिंग में रहते हैं। प्रशासनिक अधिकारी इस रिपोर्ट को सरकार के सामने रखेंगे।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार ने बताया कि अब तक करीब 15 हजार मजदूरों की पहचान हुई है। सोमवार को विभाग अधिकारियों की अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ बैठक होगी। इसमें तय किया जाएगा कि पांच किलो के सिलिंडर जिले में कैसे मंगवाए जाएं और उनका वितरण किस प्रकार किया जाए। संवाद