संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। घरौंडा की पासी राम कॉलोनी में पकड़े गए सट्टेबाजी के अड्डे के मुख्य आरोपी रिंकू को चौथे दिन भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है जबकि पुलिस ने सीआईए और घरौंडा पुलिस की दो टीम का गठन किया है।
इस खेल में शामिल पांचों मुख्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी रिंकू और इसके चार साथी व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से नए-नए सट्टेबाजों को जोड़ता था। इसके बाद उन्हें घरौंडा के इस मकान की लोकेशन भेजता था। यहां पर नए जुआरी आकर रातभर जुआ खेलते थे। यह काम सुबह 7 बजे तक चलता था। इस काम को चलाने में पकड़े गए आरोपी विजय, अभिषेक, रविंद्र और राकेश उसके सहयोगी थे।
सभी रातभर के सट्टा से हुई कमाई का लाभ बांट लेते थे। जबकि पुलिस और बदमाशों के नाम पर रिंकू प्रतिदिन के 50 हजार रुपये अतिरिक्त लेता था। आरोपी रिंकू पांच साल से करनाल में एक अस्पताल चला रहा है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी रिंकू का अपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ 13 अक्तूबर 2023 को सिविल लाइन थाने में चेक बाउंस के दो मामले दर्ज हैं। इनमें 12-13 लाख रुपये की राशि का लेनदेन था। इन दोनों मामलों में रिंकू भगौड़ा घोषित है। वर्ष 2021 में रिंकू के खिलाफ पानीपत में झगड़े का मामला दर्ज है, जिसमें मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके।अलावा जिन चार आरोपियों विजय शर्मा, रविंद्र, अश्विनी उर्फ शम्मी और राकेश को एक दिन की रिमांड पर लिया था, इन पर पहले भी गैंबलिंग के मामले दर्ज हैं। विजय शर्मा पर गैंबलिंग के दो मामले दर्ज थे, जो निपट चुके हैं।
अश्वनी पर छह मुकदमे थे, जिनमें 2017 में 3 और 2022 में 3 मामले दर्ज हुए थे। राकेश पर दो और रविंद्र पर एक मामला दर्ज हैं।